1945 - 1964

स्टीव बीको: शुरुआती वर्ष

Steve Biko Foundation

"महान क्रांतिकारी जाग उठा"

 मैश्यू ज़िंगाए और ऐलिस नोकुज़ोला बीको के पुत्र बीको, समाज के निचले तबके से आए थे. उनके पिता सरकारी लिपिक के रूप में नियुक्त होने से पहले पुलिस बल में कार्य किया करते थे. उनकी मृत्यु 1950 में दक्षिण अफ़्रीका विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री लेने के लिए पढ़ाई के दौरान हुई. उस समय से बीको के जीवन की प्राथमिक प्रेरणा उनकी मां, ऐलिस थी, जो किंग विलियम टाउन के ग्रे अस्पताल में घरेलू नौकर के रूप में कार्य किया करती थीं.

Biko, the son of Mathew Mzingaye and Alice Nokuzola Biko, came from humble beginnings. His father served in the police force before landing a job as a government clerk. He died in 1950 while studying towards a law degree through the University of South Africa. Biko was four. From that age, the primary influence in Biko’s life was his mother, Alice, who worked as a domestic servant at Grey Hospital in King William’s Town.

"उनकी मां ने उन्हें अदम्य समर्थन प्रदान किया...वह बहुत गरीब थीं और 1950 में अपने पति की अकाल मुत्यु के बाद चार बच्चों की परवरिश के लिए उन्हें अत्यंत कड़ी मेहनत करना पड़ी" 

- ऐलरेड स्टब्स

ऐलिस "मामसेटे" बीको
बीको गृह, गिंसबर्ग टाउनशिप; किंग विलियम टाउन, दक्षिण अफ़्रीका
बुकेल्वा बीको
खाया बीको

बीको, चार बच्चों में से तीसरे, की एक बड़ी बहन बुकेल्वा, एक बड़ा भाई खाया और एक छोटी बहन नोबानडिले थी. एकसाथ, उनका नाम एक पहेली बनाता था "हाई उकूबुकेवा क्वे खाया लाबंटु आबांडीलेयो" जिसका अग्रेज़ी अनुवाद "हम विस्तृत परिवार की प्रशंसा करते हैं"

नोबानडिले बीको

"वह घर की ज़िम्मेदारी नहीं लेते थे. वह स्वयं को समुदाय के लिए ज़िम्मेदार समझते थे, विशेषकर समुदाय की शिक्षा के लिए. ऐसा इसलिए क्योंकि जब उन्होंने जूनियर प्रमाणपत्र उत्तीर्ण किया था तब निन्सबर्ग के समुदाय ने उन्हें स्कूल भेजने के लिए पैसे एकत्रित किए थे. यह बात गिन्सबर्ग में अज्ञात थी लेकिन उन्होंने अच्छे से उत्तीर्ण किया था. बाद में उन्होंने स्वयं को इतना ऋणी माना कि उन्होंने गिन्सबर्ग शिक्षा निधि की स्थापना की." 

- नोबान्डिले बीको

अपने शुरुआती वर्षों में बीको निन्सबर्ग टाउनशिप में चार्ल्स मॉर्गन ऐलिमेंट्री और फ़ॉर्ब्स ग्रांट हाई स्कूल जाता करते थे
बीको की माध्यमिक स्कूल रिपोर्ट

1963 में, 15 साल की आयु में स्टीव बीको लवडेल कॉलेज में भर्ती हुए, एक धर्मार्थ कार्य-संबंधी संस्था जिसमें खाया एक वर्ष पूर्व नामांकित हुए थे. उस वर्ष में बाद में, 50 अन्य शिक्षार्थियों सहित दोनों भाइयों को इस संदेह में गिरफ्तार किया गया था कि वे प्रतिबंधित पैन अफ़्रीकी कांग्रेस (PAC) के साथ गठबंधन वाले पोको के समर्थक थे. स्टीव से पुलिस ने पूछताछ की और उनके कोई भी राजनीतिक संबंध होने के गवाह की कमी होने के बावजूद उन्हें बाद में निकाल दिया गया और सभी सरकारी स्कूलों से प्रतिबंधित कर दिया गया. खाया को प्रतिबंधित PAC का सदस्य होने पर बंदी बना लिया गया. इस प्रकार प्राधिकरण के प्रति स्टीव बीको का आक्रोश शुरु हुआ और, खाया के अनुसार, "महान क्रांतिकारी जाग उठा". स्टीव बीको के अनुसार, जब 1976 में उन्हें ब्लैक कॉन्शियसनेस आंदोलन में उनके सहकर्मी की सुनवाई में सुरक्षा पक्ष हेतु गवाही के लिए बुलाया गया, "उस पल से, मुझे प्राधिकरण से हद से ज़्यादा नफ़रत हो गई!" 1963 की घटना का बीको के राजनीतिक दृष्टिकोण पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ा. स्कूल से निकाल दिए जाने पर वे बहुत समय तक जेल में अपने भाई और अपने सहयोगियों को भोजन और अन्य चीज़ें देते रहे. 1963 की घटनाएं, स्टीव के लिए पहला दुःखद अनुभव रहीं. जिन्होंने अबतक बेफ़िक्र और राजनीतिक रूप से उदासीन रहे स्टीव को खाया और अन्य के विचारों से अवगत कराया.  

सेंट फ़्रांसिस कॉलेज
बीको एक उच्च विद्यालय निबंध प्रतियोगिता के लिए पुरस्कार प्राप्त करते हुए

"1963 में उन्होंने बीको को कुछ नहीं करने के कारण स्कूल से निकाल दिया. महान क्रांतिकारी तब जागा था" 

- खाया बीको 

फ़ादर ऐल्रेड स्टब्स

 1964 में, स्टीव बीको को सेंट फ़्रांसिस कॉलेज में भर्ती कराया गया था, मरियनहिल, नेटल में स्थित एक अन्य धर्मार्थ कार्य-संबंधी स्कूल, जहां उनका ज़्यादातर ध्यान ईसाई मुक्ति शिक्षा और काले लोगों के अनुभव के बीच विरोधाभास की खोज पर केंद्रित हो गया. उन्हें यह देख कर बहुत निराशा हुई कि प्रगतिशील उदारवादी एजेंडे से जुड़े प्रधानाचार्य और कर्मियों ने 1963 में हुए अन्याय पर नपुंसकता का परिचय दिया. जागरुकता के इस पल का प्रमाण बीको और लवडेल में उनके पूर्व शिक्षक फ़ादर ऐल्रेड स्टब्स के वार्तालाप में मिलता है.

फ़ादर स्टब्स की शवयात्रा से प्रोग्राम
स्टब्स, जो बाद में बीको के मित्र बन गए, ने उनकी कुछ रचनाओं को संपादित करके, आई राइट वॉट आई लाइक, शीर्षक से पुस्तक प्रकाशित किया, जिसमें बीको द्वारा 18 और 29 आयु के बीच लिखी गई रचनाएं शामिल थीं

"ब्लैक कॉन्शियसनेस के मूल में काले लोगों को इस बात का बोध था कि किसी अत्याचारी के हाथों में सबसे शक्तिशालि हथियार पीड़ितों का मन है. अगर किसी का हृदय स्वतंत्र है, तो कोई मानवीय ज़ंजीरें उसे गुलामी में नहीं बांध सकती लेकिन अगर किसी का मन इतना धूर्त है तथा अत्याचारी द्वारा नियंत्रित किया जाता है, तो पीड़ित अपने शक्तिशाली स्वामियों को डराने के लिए ऐसा कुछ नहीं कर पाएगा"

- स्टीव बीको, आई राइट वॉट आई लाइक

स्टीव बीको की अपने सहपाठियों के लिए विदाई पत्र जब उन्होंने विश्वविद्यालय के लिए सेंट फ्रांसिस छोड़ा था

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आभार: कहानी

Steve Biko Foundation:
Nkosinathi Biko , CEO
Y. Obenewa Amponsah, Director International Partnerships
Donna Hirschson, Intern
S. Dibuseng Kolisang, Communications Officer 
Consultants:
Ardon Bar-Hama, Photographer
Marie Human, Researcher

क्रेडिट: सभी मीडिया
कुछ मामलों में ऐसा हो सकता है कि पेश की गई कहानी किसी स्वतंत्र तीसरे पक्ष ने बनाई हो और वह नीचे दिए गए उन संस्थानों की सोच से मेल न खाती हो, जिन्होंने यह सामग्री आप तक पहुंचाई है.
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