चटाई बुनने की प्रक्रिया

Dastkari Haat Samiti

Creating finely woven mats of local grass, in Midnapore, West Bengal

Mat weaving: Harvesting the grass, 2017, इनके संग्रह से लिया गया है: Dastkari Haat Samiti
घास की कटाई करना
कारीगर खेत से घास काटते हैं जिससे खास बुनी हुई चटाइयां बनाई जाती हैं.
Mat weaving: Harvesting the grass, 2017, इनके संग्रह से लिया गया है: Dastkari Haat Samiti

तैयार होने के बाद घास को खेतों से काट लिया जाता है. इसके बाद काटने और सुखाने के लिए ले जाया जाता है.

Mat weaving: Splitting the grass, 2017, इनके संग्रह से लिया गया है: Dastkari Haat Samiti

चाकू से घास को चीरा जाता है.

Mat weaving: Splitting the grass, 2017, इनके संग्रह से लिया गया है: Dastkari Haat Samiti

घास को काटना और फिर पतले हिस्सो में चीरना.

Mat weaving: Sorting the grass, 2017, इनके संग्रह से लिया गया है: Dastkari Haat Samiti

कटाई के बाद घास को तीन तरह की लंबाइयों में क्रम से लगाते हैं. फिर इसे चीरा जाता है.

Mat weaving: Collecting the dried grass, 2017, इनके संग्रह से लिया गया है: Dastkari Haat Samiti

इसके बाद घास को सड़क किनारे सुखाया जाता है. फिर इसे बाद में इस्तेमाल करने के लिए रख दिया जाता है.

Mat weaving: Grass bundles, 2017, इनके संग्रह से लिया गया है: Dastkari Haat Samiti

काट कर सुखाई गई घास के बंडल अब बुनाई के लिए तैयार हैं.

Mat weaving: The traditional way, 2017, इनके संग्रह से लिया गया है: Dastkari Haat Samiti
घास से बुनाई करना
बुनने की प्रक्रिया में, सूती धागे के ताने के बीच में घास के अलग-अलग तिनके हाथ से डाले जाते हैं.
Mat weaving: The traditional way, 2017, इनके संग्रह से लिया गया है: Dastkari Haat Samiti

यह चटाई बुनने की पारंपरिक शैली है जिसे साधारण फ़्रेम पर किया जाता है.

Mat weaving: The traditional way, 2017, इनके संग्रह से लिया गया है: Dastkari Haat Samiti

लकड़ी के सपाट टुकड़े (फट्टे) से इसे आकार दिया जाता है.

Mat weaving: Softening the grass, 2017, इनके संग्रह से लिया गया है: Dastkari Haat Samiti

घास को ताने-बाने में इस्तेमाल करने से पहले, नरम करने के लिए गीला किया जाता है.

Mat weaving: Pre weaving preparation, 2017, इनके संग्रह से लिया गया है: Dastkari Haat Samiti

रंगी हुई या रंग में डुबोकर निकाली गई घास, उत्पाद को सजावटी बनाती है जिसे बनाना काफ़ी मेहनत का काम है.

Mat weaving: Household weaving practice, 2017, इनके संग्रह से लिया गया है: Dastkari Haat Samiti

महिला बुनकर अपने करघे पर घास की चटाई के लिए कपड़ा बुनती है. इसी करघे का इस्तेमाल पारंपरिक डिज़ाइन तैयार करने में भी किया जा सकता है.

Mat weaving: Pedalling the loom, 2017, इनके संग्रह से लिया गया है: Dastkari Haat Samiti

बुनाई को चार शाफ़्ट वाले करघे पर भी किया जाता है जहां बुनाई के समय महिला बुनकर, पैडल का इस्तेमाल करके शाफ़्ट बदलती है.

Mat weaving: Grass weft, 2017, इनके संग्रह से लिया गया है: Dastkari Haat Samiti

करघे में इस्तेमाल हुआ सूती धागा रंगीन या सादा हो सकता है. ऐसा ही घास के ताने-बाने के साथ भी हो सकता है.

Mat weaving: Colouring the grass, 2017, इनके संग्रह से लिया गया है: Dastkari Haat Samiti

घास को रंगने का काम सड़क के किनारे किया जा रहा है.

Mat weaving: Colouring the grass, 2017, इनके संग्रह से लिया गया है: Dastkari Haat Samiti

इसके बाद घास को रंग के गर्म घोल में चलाया जाता है.

Mat weaving: Grass weft, 2017, इनके संग्रह से लिया गया है: Dastkari Haat Samiti

घास के ताने-बाने को ऐसे लकड़ी के टुकड़े की मदद से अंदर डाला जाता है जिसमें एक छेद होता है.

Mat weaving: Dyed grass for weft, 2017, इनके संग्रह से लिया गया है: Dastkari Haat Samiti

इस तरह का करघा इस्तेमाल करके बुनाई के अलग-अलग पैटर्न बनाए जा सकते हैं.

Mat weaving: Unfinished product, 2017, इनके संग्रह से लिया गया है: Dastkari Haat Samiti

करीब-करीब पूरी हो चुकी चटाई में अलग-अलग रंग और पैटर्न दिखाई पड़ते हैं.

Mat weaving: Finishing the unfinished, 2017, इनके संग्रह से लिया गया है: Dastkari Haat Samiti

बुनाई पूरी होने के बाद, उत्पाद में सफ़ाई लाने के लिए घास के ताने-बाने के किनारे काट दिए जाते हैं.

Mat weaving: Tailoring the products, 2017, इनके संग्रह से लिया गया है: Dastkari Haat Samiti

कुछ मामलों में, उत्पाद के किनारे में कपड़े भी लगाए जाते हैं.

Mat weaving: Products, 2017, इनके संग्रह से लिया गया है: Dastkari Haat Samiti

तैयार उत्पाद.

Mat weaving: Traditional mat, 2017, इनके संग्रह से लिया गया है: Dastkari Haat Samiti

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दस्तकारी हाट समिति
आभार: कहानी

क्रेडिट: कहानी
लेख: आलोका हिरेमथ, जया जेटली, और प्रेमा दत्ता
फ़ोटोग्राफ़ी: चिरोदीप चौधरी
कारीगर: अखिला जाना और साथी बुनकर
ग्राउंड फ़ैसिलिटेटर: अंकित कुमार
क्यूरेटर: आराधना नागपाल

क्रेडिट: सभी मीडिया
कुछ मामलों में ऐसा हो सकता है कि पेश की गई कहानी किसी स्वतंत्र तीसरे पक्ष ने बनाई हो और वह नीचे दिए गए उन संस्थानों की सोच से मेल न खाती हो, जिन्होंने यह सामग्री आप तक पहुंचाई है.
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