मई 1959

रंगभेद का बाहिष्कार

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"हम आप, ब्रिटिश के लोगों से कुछ विशेष नहीं मांग रहे हैं. हम बस आपसे दक्षिण अफ़्रीकी सामान न खरीदने के लिए रंगभेद नीति को समर्थन न देने के लिए कह रहे हैं"
जुलियस न्येरेरे, 1959

दक्षिण अफ़्रिका में अश्वेत लोगों के समर्थन के उद्देश्य के साथ इस साधारण अपील से 1959 में ब्रिटेन में बहिष्कार आंदोलन स्थापित हो गया था. शॉर्पविले में शर्मनाक ईवेंट होने के एक वर्ष बाद, जहां दक्षिण अफ़्रीका की पुलिस द्वारा 69 निःशस्त्र प्रदर्शनकारियों को गोली से मार दिया गया था, जिसके कारण भावनाएं बढ़ा गईं और पुनः नामांकित रंगभेद-विरोधी आंदोलन साधारण ग्राहक बहिष्कार से पूर्ण अर्थव्यवस्था स्वीकृति और रंगभेदी दक्षिण अफ़्रीका के पूर्ण अलगाव के लिए अभियान के रूप में तब्दील हो गया.

छात्रों से लेकर प्रतिष्ठित व्यक्ति, व्यापार संयोगी से लेकर धार्मिक नेताओं, श्रमिक से लेकर साम्यवादी पार्टी सभी का व्यापक समर्थन आंदोलन को मिला.

1969: बिशप डेविड शेपपर्ड, एन केर MP, लॉर्ड डॉनल्ड सोपर और इयान मिकारडो MP
1963:  वैनेसा रेडग्रेव, बारबरा कैसल और रॉबर्ट रेशा 
1993: स्टेपनी के पूर्व बिशप, ट्रेवॉर हडल्सटन
1978: श्रमिक सांसद के सदस्य जोन लेस्टॉर 
1965:  अभिनेता पैट्रिक वायमार्क, बिशप रीव्स और पत्रकार रुथ फ़र्स्ट
1974: विरोध के बावजूद ब्रिटिश सैन्य निवेश जारी रहा

वास्तव में यूके दक्षिण अफ़्रिका का सबसे बड़ा विदेशी निवेशक था और दक्षिण अफ़्रिका यूके का तीसरा सबसे बड़ा निर्यात बाज़ार था. यहां तक कि श्रमिक पार्टी ने भी सत्ता में आने के बाद दुर्व्यसनी का समर्थन किया, जब हेरोल्ड विल्सन ने व्यापार प्रतिबंध की घोषणा की "हम जिन लोगों के लिए सबसे ज्यादा चिंता करते हैं उन्हे नुकसान पहुंचाएगा - अफ़्रिकी और वे श्वेत दक्षिण अफ़्रिकी जिन्हे कुछ शालीनता बनाए रखनी है."

हालांकि AMM ने 1961 में कॉमनवेल्थ से दक्षिण अफ़्रिका के निष्कासन सहित कई मुख्य जीत हासिल की थी.

फिर भी सबसे विवाधास्पध युद्धभूमि रग्बी अंतर्राष्ट्रीय लॉन टेनिस चैंपियनशिप के खेल के मैदान पर खेला गया था. 'सत्तर का दौरा रोकें' जैसे अभियान इंग्लैंड में दक्षिण अफ़्रीकी क्रिकेट टीम का दौरा रोकने के लिए सेट किया गया, इसका मतलब पुलिस के साथ लगातार विरोध. 

AMM, 1964 में टोक्यो से उनके निलंबन पाने में सफल होने के बाद, दक्षिण अफ़्रीका को अंततः 1970 में ओलंपिक से निष्कासित कर दिया गया था. 

1970:  'सत्तर के दौरे को रोकें' मीटिंग
1965: लंदन के वाल्डोर्फ़ होटल में प्रदर्शनकर्ताओं का धरना जहां दक्षिण अफ़्रिका के क्रिकेट खिलाड़ी ठहरे हुए हैं
1970: सटन हार्ड कोर्ट टेनिस क्लब के बाहर अभियानकर्ता
1969: दक्षिण अफ़्रिका की स्प्रिंगबॉक्स के साथ मैच के दौरान, एक पुलिसवाला सेंट हेलेन के रग्बी ग्राउंड पर दंगे में घायल हो गया था. अफ़्रीकी राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (ANC) के सत्ता में आने पर रंगभेद-विरोधी आंदोलन ने 1994 तक ब्रिटेन में अपनी गतिविधियां जारी रखी. 
आभार: कहानी

Curator — Sarah McDonald, Getty Images
Photographers — Central Press, Express Newspapers, Fox Photos, Keystone Press, Steve Eason

क्रेडिट: सभी मीडिया
कुछ मामलों में ऐसा हो सकता है कि पेश की गई कहानी किसी स्वतंत्र तीसरे पक्ष ने बनाई हो और वह नीचे दिए गए उन संस्थानों की सोच से मेल न खाती हो, जिन्होंने यह सामग्री आप तक पहुंचाई है.
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