1981 - 1990

बर्लिन कार्य

Peter Millar

बर्लिन दीवार के पीछे के जीवन की रिपोर्ट
1980 के दशक की शुरुआत में पूर्वी बर्लिन में एकमात्र गैर-जर्मन संवाददाता पीटर मिलर थे और उन्हें साम्यवाद के पतन पर अपनी रिपोर्ट के लिए वर्ष 1989 के विदेशी संवाददाता के पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया.
1981 में एक जवान रिपोर्टर के रूप में बर्लिन में आना एक रोमांचक और डरावना अनुभव रहा. मेरे नए ङर का पहला दृश्य डरा देने वाला दृश्य था, जहां से ब्रांडेनबर्ग द्वार से पूर्वी बर्लिन दिखता था.
पश्चिमी बर्लिन में रेशटैग के पास (तब प्रदर्शनियों और कॉन्फ़्रेंस के लिए उपयोग किया जाता था) एक निराशाजनक चौराहे पर उसके पीछे के दीवार को पार करने वाले लोगों को मारा गया था.
पश्चिम की ओर बना ग्राफ़िटी मज़ाकिया लगता था, जो उसके पीछे की सच्चाई से बिल्कुल अलग थी.

पश्चिमी बर्लिन में दीवार से देखने के लिए बनाए गए प्लेटफ़ॉर्म से देखने का अनुभव बहुत गंभीर था: 'डेथ स्ट्रिप' कहलाने वाले अड़चन की पहरेदारी कर रहे सशस्त्र पहरेदार

पूर्वी जर्मनी के सीमा पहरेदार पश्चिम जर्मनवासियों द्वारा फ़ोटो लेने पर उन्हें पीठ दिखाते थे या उन्हें वापस देखने के लिए दूरबीन का उपयोग करते थे. जैसा कि देखा जा सकता है, उनके कार्य करने की स्थितियां बहुत अच्छी नहीं थी.
पूर्व बर्लिन में एक किराए के मकान के ब्लॉक के पीछे का निराशाजनक आंगन
बाहर के दृश्य वाला कमरा: द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के 36 वर्षों के बाद भी उसके निशान हर जगह थे.

मेरा प्रेनज़्लौर बर्ग फ्लैट, जहां मेरी नव-विवाहित पत्नी मेरे साथ रहने आई थी, वहां से बाहर निराशाजनक, गंदा आंगन दिखाई देती था. फ़्लैट के ग्राउंड फ़्लोर पर कब्र खोदने वाला एक शांतिवाद वोल्कर रहता था, जिसने स्टासी के एक बड़े विदेशी एजेंट की बेटी के साथ संभोग करके उन्हें क्रोधित कर दिया.

हिंटरहॉफ़: वोल्कर के फ़्लैट का प्रवेशद्वार
प्रेन्ज़लॉर बर्ग किराए पर दिए जाने वाले मकानों का एक सबसे गंदा क्षेत्र था, जिसपर युद्ध के निशान अभी भी मौजूद थे. सर्दियों में इसमें भूरे कोयले जलाए जाते थे जो सबसे ज्यादा गर्मी देता था. यहां हमारे फ़्लैट के पास एक ब्लॉक के बाहर एक डिलिवरी पहुंचाई गई थी.
1982 पूर्वी जर्मनी में बर्लिन दीवार के 20 वर्ष का उत्सव मनाया, जहां एक पोस्टर लगा हुआ था जिसमें ऐरिक होनेक्कर से मिलजुलते सीमा पहरेदार का पोस्टर था और उस पर लिखा 'फ़ॉर आर सिक्योरिटी (हमारी सुरक्षा के लिए)'.
चीज़ों को देखने का एक और नज़रिया: मेट्ज़र इक में खुशियों का समय

लेकिन पूर्वी जर्मनी में जीवन पूरी तरह से निराशाजनक नहीं था. वहा अभी भी नुक्कड़ पर बार थे जहां एक दूसरे पर विश्वास करने वाले लोग इकट्ठा होते थे और शराब पीते तथा हंसी मज़ाक करते थे, कभी-कभी वे लोग भी होते थे जो उन लोगों के सड़क पर हंगामा करने पर उन्हें जेल में बंद कर देते थे. मेरे घर के पास मेट्ज़र इक था जहां मैं जाया करता था, इस बार को 1913 से फॉर्लनर परिवार तब से चलाता था जब काइज़ार सिहासन पर हुआ करता था. वहां नियमित रूप से आने वाले उदार लोगों में कर्टल शामिल थे, जो कि पूर्वी जर्मन रेडियो पर एक लोकप्रिय हास्य संगीतज्ञ थे (सिर को टेढ़ा झुकाए हुए), जो मुझे अपने बचपन में ब्रिटिश बम से तलघर में छिपे होने की कहानी बताएंगे. उनके पिता की स्टैलिंग्रेड में लड़ते हुए मृत्यु हो गई.

पूर्वी जर्मन समाज में लोगों को ज़बरदस्ती सेना में शामिल करके सेना बनाई गई और NVA (राष्ट्रीय जन सेना) का नियमित परेड निकाला जाता था
NVA सैन्य टुकड़ी जिसे सैनिकों की तरह चलने का कोई ज्ञान नहीं उन्हें "फासीवाद के पीड़ितों के स्मारक' पर मार्चिंग करनी थी.
अंटर डेन लिंडेन पर एक नज़र

मेट्ज़र इक की ओर आकर्षित होने वाले दिलचस्प लोगों में से एक माने शुल्ज़ थे. जिस दिन दीवार ख़ड़ी की गई थी उस दिन वह अपने माता-पिता के घर से कुछ दूर अपनी दादी के पास रह रहे थे. वे अपने माता-पिता से दुबारा तब मिल पाए जब पश्चिमी बर्लिनवासियों को पूर्वी क्षेत्र में कम समय के लिए आने की अनुमति मिली. 1981 में, अपेंडिक्स के ऑपरेशन के मोटापे के कारण जटिल होने के कारण उन्हें 'विक्लांग पेंशन' की अनुमति दी गई, जिसका अर्थ था कि अब वह यात्रा कर सकते थे. लेकिन पश्चिम में रहने की बजाय (जो कि पूर्वी जर्मन की उन्हें पेंशन देने से बचा सकता था) वे अपने माता-पिता से समय-समय पर मिलने जाते रहे, पूर्वी जर्मन में वापस अपने घर आते रहे जहां उन्होंने एक शानदार सामाजिक जीवन था, वे पब में डिस्को चलाकर तथा पॉप संगीत के टेप, वीडियो तथा अश्लील पत्रिका की तस्करी करके पैसे कमाते थे और मित्र बनाते थे, आमतौर पर अपने अंडरपैंट में छिपा कर, जहां सबसे सतर्क सीमा पहरेदार (विशेषकर लोगों को देश छोड़ने से रोकने के लिए ज़िम्मेदार) भी छानबीन करने से हिचकिचाते.

'विक्लांगता के लिए पेंशन प्राप्त करने वाले' और अनुभवी तस्कर माने शुल्ज़ प्रेन्ज़लॉर बर्ग की उन्हीं सड़क को वापस मुड़ कर देखते हैं, जहां वह रहते हैं, अपने माता-पिता के घर से कुछ सड़क छोड़कर - और एक दीवार - पश्चिमी बर्लिन से दूर.

सम्मानित क्रोधित और मानव अधिकारों के कार्यकर्ता रोबर्ट हेवमेन के अप्रैल 1982 में अंतिम संस्कार पर स्टासी गुप्त रूप से पत्रकारों और शोक मनाने वालों की फ़ोटोग्राफ़ ली. 

स्टासी के कैमरों ने समाधि के किनारे होने पर मेरी फ़ोटो ली.
स्टासी के कैमरामैन ने लंबे लेंस से ज़ूम इन किया. यहां उसने मेरी शोक मनाते लोगों के समूह के साथ बात करने के दौरान फ़ोटो ली, जिसमें (दाढ़ी वाले, दाईं ओर) नाराज़ पादरी रेनर इपेलमैन शामिल हैं, जो आगे चलकर 1989 में बंडेस्टैग के सदस्य बने.
पहला और एकमात्र गाड़ी चलाने का परीक्षण जो मैंने पूर्वी बर्लिन में पास किया. सिद्धांतीय परीक्षण में परीक्षक को कॉग्नैक की बोतल देकर पास करने में सहायता की गई. 
लॉटरी पुरस्कार के रूप में पूर्वी बर्लिन 'सुपरबाज़ार' में ट्रैबैंट  कार दी गई

पूर्वी जर्मनी में कार होना अधिकांश लोगों के लिए एक सुखसाधन था, एक सामान्य ट्रैबेंट की प्रतीक्षा सूची 10 वर्ष तक की थी. 

मेरे और मेरी पत्नी पर स्टासी की रिपोर्ट, जो हमारे अध्ययन, भाषा कौशल, पिछली नौकरी का अनुभव और निगरानी पर निर्देशों पर थी. नीचे लिखे नोट पर लिखा था कि: 'यह आवश्यक है कि इस स्रोत के तथ्य को गुप्त रखा जाए'.
ट्रैबेंट की टेल बत्ती में छिपाए गए कैमरे से ली गई मेरी और मेरी पत्नी की फ़ोटो. मेरी फ़ाइल पर मामला अधिकारी कोल लेहमैन ने लिखा कि "मिलर...अपनी पत्नी से भारी सामान उठवाता है'. उसने मुझे यह कभी भूलने नहीं दिया.
तिथि और समय जब हम पर हर जगह निगरानी रखी जाती थी
मेरे हुलिए और राजनैतिक राय पर स्टासी सूचक की रिपोर्ट.
पिकनिक के दौरान हम पर रखा गया स्टासी का निरीक्षण. इसमें अत्यधिक अपसंदीदा टिप्पणी भी थी जैसे कि मैंने अपने नहाने के गीले कपड़ों पर अपना शॉर्ट पहना.
ड्रेसडेन में फ़्रॉएनकिर्चे के मलबे, जो फ़रवरी 1945 के अलाइड द्वारा बमबारी में नष्ट हो गया था, साथ यहां पंक्ति में खड़ी कई ट्रैबेंट कारें और एक नया होटल. 1982 में, मैंने गलती से पूर्वी बर्लिन में नाराज़ लोगों के बीच एक अफवाह की रिपोर्ट करके युवा 'शांतिवादों' के प्रदर्शन में आग में घी डालने वाला काम कर दिया, लेकिन पश्चिमी जर्मन टेलीविज़न पर मेरी रिपोर्ट के बार-बार दिखाए जाने पर, जिसे अधिकांश पूर्वी जर्मन नागरिक देखा करते थे, यह अफवाह सच में बदल गई. परिणाम स्वरूप सैकड़ों लोग पुलिस और स्टासी द्वारा बड़े पैमाने पर निगरानी रखे जाने वाले स्थान पर इकट्ठा हुए.
पूर्वी बर्लिन में चर्च के प्रवेशद्वारा पर स्वॉर्ड टू प्लॉघशेयर आकृति

पूर्वी जर्मनी में लुथेरान और इवैन्जेलिकल चर्च धीरे-धीरे युवा की नाराज़गी का केंद्र बन गया. युवा पूर्वी जर्मनवासियों ने पश्चिमी जर्मनी की मिट्टी पर अमेरिकी मिसाइलों के बारे में पश्चिमियों के विरोध की नकल करना शुरू कर दिया. पूर्वी जर्मन मिट्टी पर सोवियत मिसाइलों का होना आधिकारिक तौर पर मना कर दिया गया. लेकिन चर्च ने अपना बोझ एक 'शांति' आंदोलन पर डाल दिया, जिसने चालाकी से बाइबल के वाक्यांश 'उन्हें अपने प्लॉघशेयर पर तलवारें चलाने दें' अपना लिया और आकृति का उपयोग किया, जिसने संयुक्त राष्ट्र की बिल्डिंग के बाहर सोवियत प्रतिमा को बाहर बुला दिया. जींस पर सील गए पैच के रूप में फिर से कल्पित, यह नाराज़ लोगों का बैज बन गया.

FDJ सदस्य परेड के बाद धीरे-धीरे वर्दी उतारने लगे

FDJ (स्वतंत्र जर्मन युवा) साम्यवादी संगठन ने युवा लोगों को राज्य द्वारा स्वीकृत गतिविधियों में शामिल करने का प्रयास किया, लेकिन केवल उनका मिश्रित लिंगों की कैंपिंग ट्रिप ही वास्तव में लोकप्रिय साबित हुई.

FDJ सदस्य परेड के बाद धीरे-धीरे वर्दी उतारने लगे
1989 की बसंत ऋतु की शुरुआत में, लिप्ज़िग में हो रहे नियमित सोमवार प्रदर्शनों में भाग ले रही भीड़ अब बढ़कर दसियों हज़ार हो गई. होनेक्कर ने गोर्बाचेव से पास में स्थिति सोवियत सैन्य टुकड़ी भेजने के लिए कहा. गोर्बाचेव ने इंकार कर दिया.
मांगों में सैन्य सेवा का अंत भी शामिल था. 'पुनरेकीकरण' निषेध था, जिसकी कल्पना करना असंभव था.
अवज्ञा का माहौल था, लेकिन साथ ही भय भी था. प्रदर्शनकारी किसी भी समय सोवियत टैंक देखने की उम्मीद कर रहे थे.
लिप्ज़िग के प्रदर्शनकारियों ने बहादुरी से स्वयं स्टासी बिल्डिंग की सीढ़ियों पर बैनर पकड़े, जिसपर रेशस्टैट (कानून पर आधारित राज्य) की मांग और 'फासीवादी झुकाव का विरोध' लिखा था

अंत में जो हुआ वह परेशान साम्यवादी पोलित-ब्यूरो द्वारा अधिक आसानी से पश्चिमी बर्लिन क्षेत्र में यात्रा करने के निर्णय के कारण एक चेकपॉइंट पर (बोर्नहोमर स्ट्रास) सीमा पहरेदारों की एक गलतफ़हमी से हुआ. पश्चिमी बर्लिन रेडियो पर रिपोर्ट की गई स्वतंत्र व्याख्याओं से उत्साहित पूर्वी बर्लिनवासी सीमा पार जाने की मांग के साथ चेकपॉइंट पर टूट पड़े.  उस निर्णय के विपरीत होने का संदेश देने के लिए कोई भी उपलब्ध न होने या किसी के न चाहने के कारण, जिसके लिए भारी बल की आवश्यकता हो सकती थी, तंग आए सीमा पहरेदारों ने हाथ उठा लिए. बांध तोड़ दी गई और इससे पहले की कुछ करता लोगों की भीड़ लहर समान उससे बहने लगी. कई लोगों के मन में अभी भी भय था कि कहीं चेकपॉइंट को अगले दिन बंद न कर दिया जाए, लेकिन अब बहुत देर हो चुकी थी. इस जटिल पल ने इतिहास में स्वयं एक गति बना ली थी. 

एक युवा पूर्वी बर्लिनवासी को दीवार पर खींचते हुए
1989 की क्रिसमस तक बर्लिन प्रभावी रूप से फिर से एक शहर बन गया था
पहले कभी जहां डर और घृणा का प्रतीक माना जाने वाला विभाजन तथा नियंत्रण, बर्लिन के इतिहास में सबसे अच्छे और बड़े उत्सव की रंगभूमि बन गई.
निडर नई दुनिया? मेरे दोनों बेटे दिसंबर 1989 में बर्लिन दीवार में किए गए छेद से देखते हुए. उनके लिए शीत युद्ध इतिहास है.
मिलर परिवार वहां खड़े हैं जो अब दिसंबर 1989 की शुरुआत में खुली हुई सीमा बन गई है
3 अक्टूबर, 1990, जिस दिन जर्मनी का पुनरेकीकरण हुआ था, को मैंने उस सीमा पहरेदार के साथ चेकपॉइंट चार्ली पर शराब पिया करते थे जिन्हें वह 10 वर्षों से जानते हैं. वह मुस्कराया और पहली बार मुझे बताया कि उसका नाम ऊवे था. अब वह बेरोज़गार था.
आभार: कहानी

Author and Curator — Peter Millar
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