1942

वे बच्चे थे

Paris City Hall

पेरिस में यहूदी बच्चों का निर्वासन और बचाव, 1940-1945

जुलाई 1942 में, फ़्रांसीसी पुलिस ने लगभग 14,000 पेरिसवासियों को केवल इसलिए गिरफ़्तार करके, मुख्यतः, वेलोड्रोम डी' हिवर में एकत्रित किया क्योंकि वे यहूदी थे. उनमें से कई बच्चे थे. वर्ष 1942 और 1944 के बीच फ़्रांस से निर्वासित 11,400 यहूदी बच्चों में आधे से अधिक बच्चे पेरिसवासी थे. अब, वर्ष 2012 में 'rafle du Vél d’Hiv' [वे' डी'हिव एकत्रण] की 70वीं वर्षगांठ पर हमारा शहर उनकी स्मृति को सम्मानित करना चाहता है. हम उन हज़ारों "छिपे हुए" बच्चों को भी याद करना चाहते हैं जो उन बचाव नेटवर्क की कार्रवाइयों और पेरिसवासियों की एकता के कारण शोआह से जीवित बच गए थे, जिन्होंने हमारी राजधानी के सम्मान को बनाए रखा. इस प्रकार, यह प्रदर्शनी इस शहर द्वारा कई वर्षों के स्मरणोत्सव कार्य की सर्वोच्च उपलब्धि है. इसने उन कई संगठनों द्वारा किए जा रहे संचारण और संरक्षण कार्य को जारी रखा है, जिन्होंने प्रत्येक विभाग में निर्वासित बच्चों के नाम, उनकी स्मृतियां, कहानियां और प्रतिष्ठा को संजोकर रखा है. आइए इस प्रदर्शनी को स्मृति, सतर्कता और ज़िम्मेदारी की सच्चाई का नाम दें.

बर्ट्रैंड डेलनोई

पहचान और अपवर्जन

22 जून 1940 की संधि ने फ़्रांस को दो हिस्सों में बांट दिया. पेरिस, और इसलिए फ़्रांस के अधिकांश यहूदियों, को उत्तरी क्षेत्र में स्थित किया गया था. सितंबर 1940 से, अधिग्रहण प्राधिकारणों और विकी सरकार ने यहूदियों पर दोषारोपण करना प्रारंभ किया. फ़्रांसीसी कानून और जर्मन शासन ने यहूदियों को पहचानने और स्थापित करने से पहले निर्धारित किया उनमें से कौन यहूदी हैं. उसके बाद, उन्हें आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन से अलग कर दिया गया. इनमें से कई कार्रवाइयों से न केवल वयस्क बल्कि बच्चे भी प्रभावित थे. इसके परिणाम-स्वरूप उन्होंने रक्षात्मक प्रावधानों पर मौलिक रूप से रोक लगा दी जिनसे अठारहवीं शताब्दी के उपरांत बच्चों को बहुत लाभ हुआ था.

गिरफ़्तारी और निर्वासन

कुल 6,100 से अधिक बच्चे शोआह के दौरान पेरिस में मुख्यत: शहरी पुलिस द्वारा गिरफ़्तार किए गए थे. इनमें से अधिकांश पोलैंड में ऑस्विट्ज़ शिविर में निर्वासित किए गए थे, जहां पहुंचने के बाद उनकी हत्या कर दी गई.

नज़रबंद माता-पिता का बच्चा होने के कारण. पेरिसवासियों का पहला एकत्रण 1941 के दौरान हुआ. जिसके कारण लगभग 8,200 लोगों को गिरफ़्तार किया, विशेषकर पुरुषों और लगभग सभी विदेशियों को. इनमें से कई पिताओं की नज़रबंदी के कारण उनके परिवारों को आगे चलकर आर्थिक और मनोवैज्ञानिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. कभी-कभी इसका दुःखद परिणाम इस तरह होता था कि बच्चे अकेले रह जाते थे.

एकता और बचाव

पेरिस वह स्थान था जहां अधिकांश फ़्रांस से निर्वासित यहूदी बच्चों की किस्मत तय की जाती थी. अपने स्तर से परे, 'rafle du Vél d’Hiv' [वेल डी’हिव एकत्रण] ने एक नया मोड़ लिए. जहां एक ओर, इसने बेशक 16 वर्ष की आयु के बच्चों की किस्मत तय की. वहीं दूसरी ओर, इससे उत्पन्न हुई प्रतिक्रियाओं के कारण, इसने उग्र संहार परियोजना के विरोधियों के लिए द्वार खोल दिए. उनके आगमन पर, उनकी अपार्टमेंट बिल्डिंग में, उनकी सकड़ों पर पेरिसवासियों ने न केवल पुरुषों बल्कि महिलाओं और विशेषकर बच्चों के आकस्मिक रूप से लोप होते देखा – और कभी-कभी फ़्रांसीसी पुलिस द्वारा हिंसक गिरफ़्तारियों के साक्षी बने. इन दृश्यों ने उन गैर-यहूदी जनसंख्या में एकता की भावना जागृत कर दी जो अब तक यहूदियों की परिस्थितियों पर कभी विरोध में तो कभी पक्ष में होते थे. यहूदी सामाजिक संगठन – जो कई महीनों से उन परिवारों को सहायता प्रदान कर रहे थे, जिनकी स्थिति बिगड़ती जा रही थी – अब इन सहानुभूतियों के प्रदर्शन के आधार पर उस समय के सामूहिक उद्देश्य: बच्चों की रक्षा करना, प्राप्त करने के लिए आगे बढ़ सकते थे.

जीवित रहना और विकास करना

संपूर्ण फ़्रांस की तरह पेरिस में लगभग 80% यहूदी बच्चे युद्ध में जीवित बच गए. आम तौर पर अनुमान लगाया गया था कि गैर-यहूदियों द्वारा समर्थन प्राप्त यहूदी बचाव नेटवर्क की सहायता के परिणामस्वरूप 10,000 बच्चों को जीवित रखा गया था. हालांकि, सटीक संख्या का आंकलन करना कठिन होता है. लेकिन फलां-फलां पड़ोसी, मित्र और सहपाठी द्वारा किए गए एकता के प्रदर्शन के संबंध में मात्रात्मक आंकलन लगाना और भी कठिन होता है. अंततः, वे कई बच्चे युद्ध में अपने माता-पिता के साथ जीवित रह पाए, जो उस दौरान पेरिस में अपने घर पर रह पाए थे. इसलिए, फ़्रांस के युद्ध में जीवित बचे यहूदी बच्चों के अनुभव काफी अलग हैं.

आभार: कहानी

Amicale des anciens et sympathisants de l’OSE
Archives nationales
Archives de la ville
Archives départementales du Loiret
Archives de la préfecture de police de Paris
Archives de l’ORT-France
Bibliothèque historique de la Ville de Paris
Bibliothèque nationale de France
Centre Medem
CERCIL/Musée-Mémorial des enfants du Vel d’Hiv
Comité français pour Yad Vashem
Maison d’Izieu
Mémorial des enfants juifs exterminés
Ministère de la Défense
Musée de la résistance et de la déportation de Besançon
Musée de la résistance nationale
OSE
United States Holocaust Memorial Museum (Washington)
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क्रेडिट: सभी मीडिया
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