मुकदमा और फांसी

TVR, The Romanian Public Broadcaster

"Ceauşescu and your wife, we don’t want you in Romania!"
  

22 दिसंबर को निकोलाय और एलिना चाउसेस्कु हेलीकॉप्टर में बैठ कर राजधानी से भाग गए. वे दोपहर 12 बजे के आसपास अपने स्नागोव निवास पर पहुंचे और फिर, टारगोविस्टे के लिए निकल गए.

उन्होंने बोटनी (बुखारेस्ट-टारगोविस्टे के निकट) के पास हैलिकॉप्टर छोड़ दिया (दोपहर 1.30 बजे) जिसे सेना ने उतारने का निर्देश दिया था. चाउसेस्कु, टारगोविस्टे के समीप उन कारों से पहुंचे, जो उन लोगों के थे जिन्हें सेक्युरिटेट [गुप्त पुलिस] के अधिकारियों ने सड़क पर रोक कर कारों से उतार दिया था.

वे रात होने तक जंगल में छिपे रहे और फिर काउंटी नागरिक सेना के मुख्यालय पहुंचे, जिसे क्रांतिकारी अपने कब्जे में ले चुके थे. यहां क्रांतिकारियों ने चाउसेस्कु को गिरफ़्तार कर लिया और उनकी तलाशी ली गई.

शाम 6 बजे के आसपास, उन्हें सेना और नागरिक सेना दल के साथ टारगोविस्टे की रक्षकसेना की चौकी ले जाया गया (सैन्य यूनिट UM 01378 और सैन्य यूनिट UM 0147).

अपनी स्वतंत्रता के पहले दिन का उत्सव मना रहे रोमानियावासी

चाउसेस्कु की गिरफ़्तारी की घोषणा से रोमानिया के राष्ट्रीय टेलीविज़न स्टूडियो में क्रांतिकारियों उल्लासित हो गए.

वरिष्ठ सैन्य परिषद की बैठक 24 दिसंबर की शाम को हुई और इयॉन इलिएस्कू, पीटर रोमन, सिलव्यू ब्रूकेन और आठ सेनाध्यक्षों ने इसमें भाग लिया. रात 8 बजे, इयॉन इलिएस्कू ने नेशनल सैल्वेशन फ़्रंट के परिषद का निर्णय लिखा, जिसके अनुसार निकोलाय और एलिना चाउसेस्कु के आपातकालीन मुकदमे के लिए एक असाधारण सैन्य न्यायालय बनाया गया.

रात 9 बजे के आसपास, इयॉन इलिएस्कू ने जनरल विक्टर स्टेनाकूलेस्को को सैन्य यूनिट UM 01417 टारगोविस्टे के मुख्यालय में, जहां निकोलाय और एलिना चाउसेस्कु को 22 दिसंबर से रखा गया था, आगामी दिनों में होने वाले मुकदमे का आयोजन करने के लिए नियुक्त किया गया था.

25 दिसंबर को, सुबह 5:30 बजे, चाउसेस्कु को बख़्तरबंद सैनिक वाहन से रक्षकसेना के कमांड ऑफ़िस में लाया गया, जहां उनका मुकदमा चलाया जाना था. सार्जेन्ट कॉन्स्टेंटिन स्टोएकन ने धुंए की परत बनाने और उनके जहाज से उतरने को छिपाने के लिए इंजन की गति तीव्र कर दी.

उनके चिकित्सीय दौरे के बाद, प्रतिवादी निकोलाय और एलिना चाउसेस्कु को सैन्य यूनिट में तात्कालिक न्यायालय में लाया गया.

क्रांति की समाप्ति

न्यायधीशों के दल का नेतृत्व सैन्य न्यायधीश गीका पोपा और इयॉन निस्तोर और न्यायधीश मेयर डेन वॉयनिया कर रहे थे, जिन्हें अभ्यारोपण तैयार करने का आदेश दिया गया था. (एमिल कॉन्स्टेंटिनेस्क, Păcatul Originar, sacrificiul fondator [ओरिजिनल सिन, फ़ाउंडिंग सैक्रिफ़ाइस], संस्करण 1, पृष्ठ 353-354).

मुकदमे के रिकॉर्ड के अनुसार – निकोलाय टिओडोरेस्कू और लुचेस्कू कॉन्स्टेंटिन बचाव पक्ष के वकील थे.

मुकदमे में पहला वक्तव्य न्यायधीश गीका पोपा द्वारा दिया गया था, जिन्होंने प्रतिवादियों को मुकदमे के सामान्य से अलग होने के बारे में सूचित किया था.

अभियोग पक्ष के वकील मेयर डेन वॉयनिया द्वारा तैयार की गई फ़ाइल के अनुसार आरोप:

1. जातिसंहार – 60,000 से अधिक पीड़ित

2. नागरिक और राज्य की शक्तियों के विरुद्ध सैनिक गतिविधि को प्रबंधित करके राज्य की शक्ति को हानि पहुंचाना

3. सार्वजनिक संपत्तियों को नष्ट करना, जिसमें बिल्डिंग गिराना और उनको क्षति पहुंचाना, शहरों में विस्फोट करना, आदि शामिल है.

4. राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को हानि पहुंचाना

बाद में टारगोविस्टे मुकदमे के अभियोग में पांचवा आरोप भी जोड़ा गया, जो कि बुकारेस्ट में इयॉन इलिएस्कू द्वारा लगाया गया था. (ग्रीगोर कार्टीआनू, Sfârşitul Ceauşeştilor [चाउसेस्कु का अंत], पृष्ठ 478, परिशिष्ट)

अभियोग पक्ष के वकील वॉयनिया ने मांग की कि उन्हें चार आरोपों में उल्लिखित दंडात्मक अपराधों के लिए मौत की सजा दी जाए.

चाउसेस्कु के विरुद्ध प्रदर्शनकारी

मुकदमे के दौरान, चाउसेस्कु ने बार-बार कहा कि वह केवल ग्रेट नेशनल एसेबंली को जवाब देगा, यह मुकदमा धोखा है और उसने कुछ भी स्वीकार नहीं किया.

न्यायाधीश पोपा ने जवाब में कहा: "धोखा वह था जो आपने 25 वर्षों तक किया. आपने यह धोखा किया और देश को नाश के कगार पर ले आए".

चूंकि उन पर लगातार आरोप लगाए जा रहे थे, निकोल चाउसेस्कु को बार-बार "षड्यंत्रकारी" कहा गया जो "देशद्रोहियों" और "विदेशी एजेंसियों" द्वारा संचालित किया जाता था.

मुकदमे का अंतिम हिस्सा, बचाव पक्ष के वकील निकोलाय टिओडोरेस्कू और कॉन्स्टेंटिन लुचेस्कू पर केंद्रित था, लेकिन वे अभियोग पक्ष की तरह कार्य कर रहे थे.

निकोलाय टिओडोरेस्कू ने अभियोग पक्ष के वकील द्वारा लगाए गए सभी आरोपों के लिए चाउसेस्कु को दोषी पाया और कहा कि उनके मुवक्किल को मौत की सजा दे दी जाए.

कॉन्स्टेंटिन लुचेस्कू कहते हैं कि चाउसेस्कु को दोबारा रिहा करना "रोमामिया के लोगों के विरुद्ध एक अपराध होगा".

25 दिसंबर, 1989 की सुबह, आठ छतरी-धारी सैनिकों को "ग्रेड ज़ीरो मिशन" के लिए बोटनी से दो हेलिकॉप्टर में भेजा गया.

बिना उनकी जानकारी के, उन्हें सात NCO से बने निशानेबाजों का दस्ता बनाना था, जिनका नेतृत्व कैप्टन आइयॉनल बोएरू करने वाले थे – वे सभी सशस्त्र थे. 50 में से आठ अधिकारियों को स्वयंसेवी के रूप में नियुक्त किया गया था और फिर 20 स्वयंसेवियों में से.

छतरी-धारी कमांडो और निशानेबाज दस्ते के प्रमुख आइयॉनल बोएरू ने मुकदमे से पहले चाउसेस्कु की स्थिति बताते हैं: "वह पहचाने जाने योग्य नहीं था. कांतिहीन, बाल बिखरे हुए और दाढ़ी बढ़ी हुई. हालांकि आफ़्टरशेव लगाने के कारण उससे अच्छी खुशबू आ रही थी. (...) (ग्रीगोर कार्टीआनू, Sfârşitul Ceauşeştilor [चाउसेस्कु का अंत])

सायं 2:30 बजे, निर्णय सुनाने के लिए न्यायालय को निकटतम कमरे में स्थानांतरित कर दिया गया. दस मिनट बाद न्यायधीशों के दल ने कमरे में पुनः प्रवेश किया और गीका पोपा ने सजा सुनाई:

"कानून और लोगों की ओर से न्यायालय ने गुप्त रूप से, सर्वसम्मति से प्रतिवादि निकोलाय चाउसेस्कु और एलिना चाउसेस्कु को फांसी की सजा दे दी और उनका संपूर्ण रियासत ज़ब्त कर ली..."

फांसी

एलिना चाउसेस्कु के विरोध के बावजूद उनके हाथ पीछे की ओर बांध दिए गए थे. दंपत्ति की दो अंतिम इच्छाएं थीं: वे एकसाथ मरें और उनके हाथ बांधे न जाएं. केवल उनकी पहली इच्छा पूरी की गई. उन्हें चार छतरीधारी सैनिकों के नेतृत्व में दीवार पर ले जाया गया, जहां उन्हें फांसी दे दी गई. उन्हें सायं 2:30 बजे फांसी दी गई.

डोरिन कारलान, सर्जेंच, उन आठ छतरीधारी सैनिक में से और तानाशाहों को उस दीवार पर ले जाने वाले चार सैनिकों में से एक, जहां उन्हें फांसी दी गई, ने कहा:

"मैं चाउसेस्कु के तीन फ़ीट पीछे था. जब उसने देखा कि हम दीवार की ओर चल रहे थे, उसे एहसास हुआ कि उसके पास इससे बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं है. (...) मुझे यह ऐसा लग रहा था जैसे ... यह कुछ-कुछ ऐसा था जैसा 'द डेथ ऑफ़ द डीयर' में दिखाया गया है. फिर उसकी आंखों से एक आंसू गिरा, वास्तव में कई आंसू गिरे और वह कहने लगा: 'देशद्रोहियों की मृत्यु!'मेरे सहकर्मियों ने उसका चेहरा आगे की ओर घुमा दिया. लेकिन वह चिल्लाता रहा: 'देशद्रोहियों की मृत्यु! मुक्त और स्वतंत्र रोमानिया के समाजवादी गणराज्य जिंदाबाद! इतिहास मेरा बदला लेगा!' (...) उसके बाद उसने इंटरनेशनाले (वामपंथी गान) का अंश गाने लगा: धरती के अभिशप्त, उठो, आगे बढ़ो / भुखमरी और दासता पीड़ितों...' ('Damned of the Earth, stand up / Prisoners of starvation, stand...') वह कभी 'उठो, आगे बढ़ो' (up) नहीं कह पाया, क्योंकि हमने उसे पहले ही दुनिया से उठा दिया". (ग्रीगोर कार्टीआनू, Sfârşitul Ceauşeştilor [चाउसेस्कु का अंत], पृष्ठ 392-393, डोरिन कारलान के बुखारेस्ट, 4 नवंबर, 2009 के साक्षात्कार का हवाला देते हुए)

तानाशाह की फांसी की अधिकारिक घोषणा 25 की शाम को रोमानियाई टेलिविज़न पर की गई.

चाउसेस्कु का शासन परास्त कर दिया गया, लेकिन इसकी बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी थी: 1142 लोग मारे गए, 3138 घायल हुए. शहीद वीरों के कम से कम 748 अनाथ बच्चे दर्ज किए गए थे. (स्रोत: विकीपीडिया, क्रांतिकारी समस्याओं के लिए राज्य सचिवालय, रोमानिया की सरकार के अधीन एक संस्थान.)

सड़क के दंगों के बाद, मानसिकता और मांग तथा नए विश्व की आवश्यकताओं के अनुसार मूलभूत लोकतांत्रिक मान्यताओं के पुनर्निर्माण की एक क्रांति हुई. इस त्याग के कारण विचार, मत, धारणा की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार के साथ-साथ संपत्ति का अधिकार और स्वतंत्र आंदोलन का अधिकार पुनः प्राप्त हुआ.

प्रदर्शनकारी स्क्वेयर में फूल लेकर आए और सैनिको को दिए
आभार: कहानी

Contributing editor  — Alina Conţeanu
Contributing editor  — Lina Vdovîi
Contributing editor  — Monica Paula Coman
Contributing editor  — George Gurescu
Archivist editor  — Mihai Ciobanu
16 mm film operator — Carmen Drăghici
Photo documentarist — Irina Bartolomeu
Photo and video editor — Silviu Panaite
Project coordinator — Dorian Stoica

क्रेडिट: सभी मीडिया
कुछ मामलों में ऐसा हो सकता है कि पेश की गई कहानी किसी स्वतंत्र तीसरे पक्ष ने बनाई हो और वह नीचे दिए गए उन संस्थानों की सोच से मेल न खाती हो, जिन्होंने यह सामग्री आप तक पहुंचाई है.
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