1909 - 1993

दक्षिण अफ़्रीकी शासनाध्यक्ष

Africa Media Online

रंगभेद के उत्थान और पतन के दौरान नेतृत्व

20वीं सदी में दक्षिण अफ़्रीका का इतिहास रंगभेद के उत्थान और पतन से प्रभावित रहा, जिसके दौरान जातीय वर्गीकरण के आधार पर एक सरकार बनी, जिसने यूरोपीय मूल के चंद लोगों के हाथ में सत्ता और अधिकार दे दिए और राष्ट्र की जनसंख्या के बहुसंख्‍यक अफ़्रीकी मूल के लोगों को मताधिकार से वंचित कर दिया.   

ब्रिटिश और अफ़्रीकी (प्राथमिक रूप से डच बोली वाले गोरे दक्षिण अफ़्रीकी) के बीच लड़े गए दो एंग्लो-बोर युद्धों की कड़वाहट ने ऐसा आधार तैयार किया, जिस पर रंगभेद की अफ़्रीकी विचारधारा का विकास हुआ. अफ्रीकी और अंग्रेज़ दक्षिण अफ़्रीकियों की लड़ाई के बीच, अंततः काले दक्षिण अफ़्रीकी लोगों की हार हुई.   

रंगभेद का उत्थान और पतन देखने वाले लोग देश की सरकार के प्रमुख सदस्य ही थे. 1910 में ट्रांसवाल और ऑरेंज फ़्री स्टेट के दो भूतपूर्व प्रांत दो ब्रिटिश नियंत्रित प्रांतों केप और नाताल के साथ मिल गए और इन्होंने ब्रिटिश राज के तहत दक्षिण अफ़्रीकी संघ की स्थापना की. इसके बाद से, दक्षिण अफ़्रीका की सरकार का नेतृत्व एक प्रधानमंत्री द्वारा किया गया. 

अफ़्रीकी होने के बावजूद, पूर्व प्रधानमंत्री बोथा और स्मट्स ने अफ़्रीकी और अग्रेज़ दक्षिण अफ़्रीकियों के बीच सामंजस्यपूर्ण रवैया अपनाया. हर्टज़ोग के अधीन, कामगार गोरे लोगों के अधिकारों में और बढ़ोतरी की गई और काले लोगों को आगे मताधिकार से वंचित रखा गया. 

हालांकि, रंगभेद की नीति को 1948 में सत्ता में आए अफ़्रीकी नेशनलिस्ट पार्टी के नेता, प्रधानमंत्री DF मालन के समय आधिकारिक सरकारी नीति बनाई गई. उनके वारिसों ने विभाजन की इस नीति को आगे बढ़ाया. HF वर्वोएर्ड ने जातियों के बीच के अंतर को विशेष रूप से बड़े स्तर पर लागू किया जिसे “महा रंगभेद” के रूप में जाना गया. अफ़्रीकी मूल के लोगों को "मातृभूमि" कही जाने वाली भूमि के एक छोटे से टुकड़े के बाहर भूमि ख़रीदने या किराए पर लेने की अनुमति नहीं थी. इस योजना के लागू होने के साथ ही काले लोगों ने बड़ी संख्या में इन मातृभूमियों में पुनर्वास किया.

1961 में दक्षिण अफ़्रीका एक गणराज्य बना. प्रधानमंत्री ने 1984 तक दक्षिण अफ़्रीका गणराज्य की सरकार का नेतृत्व करना जारी रखा, जब तक कि एक नया संविधान नहीं लागू किया गया और राज्य के अध्यक्ष राज्य के प्रमुख न बन गए.   

लुइस बोथा: 1910-1919
जेन क्रिस्टिआन स्मट्स: 1920-1924 और 1939-1948
जेम्स बैरी मुन्निक हर्त्ज़ोग: 1924-1939 
डेनियल फ़्रैंकोइस मालन: 1948-1954
जोहेंस गेरहार्ड स्ट्रिजडोम: 1954-1958
हेंड्रिक फ़्रेंश्च वर्वोएर्ड: 1958-1966. केप टाउन में संसद भवन में 6 सितंबर 1966 को उनकी हत्या कर दी गई थी
बेल्टेज़र जोहानेस वोर्स्टर: 1966-1978
पिएटर विलिएम बोथा: 1978-1984. इस समय प्रधानमंत्री का पद समाप्त हो चुका था और 1984-1989 से उन्हें राज्य अध्यक्ष बना दिया गया
FW डी क्लार्क: 1989-1994

FW डी क्लार्क दक्षिण अफ़्रीका के अंतिम राष्ट्रपति थे, जहां रंगभेद का तंत्र एक आधिकारिक नीति थी. स्वतंत्रता आंदोलनों, देश में असहयोग, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय द्वारा आर्थिक प्रतिबंध और धार्मिक समुदायों द्वारा निंदा साथ ही साथ दक्षिण अफ़्रीकी व्यापारी समुदाय के दबाव के कारण उस तंत्र को असमर्थन मिलने लगा. 1993 में डि क्लर्क और अफ़्रीकन नेशनल कांग्रेस अध्यक्ष नेल्सन मंडेला को रंगभेद को समाप्त करने के उनके अथक प्रयासों के लिए संयुक्त रूप से नोबल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

27 अप्रैल, 1994 को रंगभेद आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया जब नेल्सन मंडेला दक्षिण अफ़्रीका के पहले लोकतांत्रिक रूप से चयनित राष्ट्रपति बने. फ़्रीडम चार्टर के साथ, मंडेला ने सभी दक्षिण अफ़्रीकियों के साथ मिलकर वहां रहने वाले सभी लोगों के लिए एक दक्षिण अफ़्रीका बनाने का नारा दिया. अपने शांति और मैत्री के प्रयासों में नेल्सन मंडेला ने 1995 में हैंड्रिक वर्वोएर्ड की विधवा पत्नी से भी शिष्टपूर्ण मुलाकात की.

नेल्सन मंडेला: 1994-1999
आभार: कहानी

Photographer — Martin Gibbs
Photographer — David Goldblatt / South Photographs
Photographer — Paul Weinberg / South Photographs
Photographic Archive — Cory Library

क्रेडिट: सभी मीडिया
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