1990 - 2010

मंडेला के लिए पुस्‍तकें

Nelson Mandela Centre of Memory

“ मेरे पास सोच-विचार करने का समय नहीं था. मुझे पत्र पढ़ना और लिखना पसंद था और इससे मेरा मस्तिष्क बिल्कुल व्‍यस्‍त रहता था…”

इन वर्षों में नेल्‍सन मंडेला को विश्वभर से हजारों उपहार, पुरस्‍कार और सम्‍मान मिले. उन्‍होंने इन्हें अपने परिवार, मित्रों और जनकल्‍याणकारी संस्‍थाओं के साथ साझा किया. एक अच्‍छे-खासे संग्रह को दक्षिण अफ़्रीकी राज्य (उनका 1994-1999 का राष्ट्रपति का संग्रह) और नेल्‍सन मंडेला स्‍मृति केंद्र को दान कर दिया गया. इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि मंडेला की पढ़ने की आदत के कारण उन्‍हें अक्सर उपहार के रूप में पुस्‍तकें मिलती रहती थीं.

स्‍मृति केंद्र के उपहार संग्रह के एक भाग में लेखकों द्वारा उन्हें दी गई पुस्‍तकों का संग्रह और लेखकों द्वारा लिखे गए संदेश हैं.

यहां कुछ पुस्‍तकों और उनके अभिलेखों का एक संकलन दिया गया है.

सोल ऑन आइस लेखक एल्ड्रिज क्लीवर
एल्ड्रिग क्लीवर द्वारा लिखित सोल ऑन आइस
बर्गर्स डॉटर लेखक नैदीन गोर्डीमर
अ सेंचुरी ऑफ़ ब्लैक जर्नलिज़्म इन ब्रिटेन लेखक लायोनेल मॉरिसन

“एक ऐसी चीज़ जिसने मुझे वापस जेल में पहुंचाया, यह थी कि वहां से छूटने के बाद मुझे पढ़ने, सोचने और गहन चिंतन के लिए बहुत कम अवसर मिलता था.”

मैल्कम फ़्रेज़र द्वारा राजनीतिक संस्मरण
मानव अधिकार और मौलिक स्वतंत्रता के संरक्षण के लिए संधि

“आज की बहुत ही गंभीर वास्तविकताओं में से एक यह है कि बहुत ही कम लोग, विशेषकर युवा लोग, पुस्तकें पढ़ते हैं. जब तक हम इस वास्तविकता से निपटने के कल्पनाशील तरीके नहीं ढूंढ लेते, भविष्य की पीढ़ियां अपने इतिहास को खो देने के खतरे में हैं.”

प्‍यार, इलिनॉर बाटजाट सिसुलु
मेमोइर्स, लेखक डेविड रॉकफेलर
सबसे प्रिय अतिक़ नासिर अल-बदर द्वारा
डेमोक्रेसी मैटर्स, लेखक कॉर्नेल वेस्ट
इंटू द पास्ट - अ मेमोइर, लेखक फ़िलिप टोबीस
सोनिया गांधी द्वारा लिखित राजीव

नेल्‍सन मंडेला एक महान पाठक हैं. विद्यालय में उन्‍होंने काफी कुछ पढ़ा और रंगभेदी विरोधी संघर्ष के दौरान, विशेषकर तब, जब वे एक मुक्ति सेना गठित करने का प्रयास कर रहे थे, वे विश्वभर में चल रहे सशस्‍त्र संघर्ष पर जो कुछ भी पढ़ सकते थे, वह सब पढ़ लेते थे. जेल में, उनके हाथ जो भी पुस्‍तक लगी, उन्‍होंने वह पढ़ ली. वह एक महान रणनीतिकार भी हैं, एक युवा मुक्‍केबाज के रूप में रिंग में रणनीति बनाते हुए या शतरंज के खिलाड़ी या राजनैतिक कार्यकर्ता के रूप में अपने विरोधी को पछाड़ते समय, वे हमेशा अपनी अगली चाल सोचकर चलते. वे अकसर अहिंसा को सिद्धांत के बजाए एक रणनीति के रूप में बताते थे. यहां उनका ध्‍यान रूसी सेना की रणनीतियों पर था.

वार एंड पीस

रॉबेन द्वीप जेल में प्रत्येक खंड के लिए एक पुस्तकालय था. पुस्तकालय का प्रबंधन कैदियों द्वारा ही किया जाता था और कई दिलचस्प साहित्यिक पुस्तकों को सेंसर होने से छुपा लिया जाता था. सेंसर करने वाले वो लोग थे जो यह सुनिश्चित करने का प्रयास करते थे कि विध्वंसक सामग्री कैदियों के हाथों तक न पहुंच पाए. नेल्सन मंडेला के करीबी साथियों में से एक अहमद कथार्दा, कभी 'बी' खंड के पुस्तकालयाध्यक्ष हुआ करते थे, जहां वे स्वयं, श्री मंडेला और लगभग दो दर्जन दूसरे कैदी रहते थे. अगर पुस्तकें पुस्तकालय में आतीं हैं, तो वे पढ़ी जा सकती हैं. यहां श्री मंडेला उन कुछ पुस्तकों के बारे में बात कर रहे हैं, जिन्हें उन्होंने रॉबेन द्वीप पर पढ़ी थी.

ग्रेप्स ऑफ़ राथ

नेल्‍सन मंडेला ने जेल में एक पुस्‍तक पढ़ी, जो रंगभेद नीति के एक नेता, प्रधानमंत्री जॉन वोर्स्‍टर की जीवनी थी. इस पुस्‍तक के बारे में कहानी से श्री मंडेला के गुणों का पता चलता है - कि वह हमेशा परिस्थिति या किसी अनुभव से “कुछ काम की चीज़” निकालने का प्रयास करते रहते थे. चीज़ें और लोग अक्सर पूर्णतया बुरे नहीं होते हैं और न ही पूर्णतया अच्छे होते हैं. उन्हें वोर्स्‍टर द्वारा 1966 से 1978 तक दक्षिण अफ़्रीका के प्रधानमंत्री के रूप में किए गए कार्य नापसंद थे, लेकिन अपनी बातचीत में उन्‍होंने बताया कि उन्होंने उनमें ऐसा गुण ढूंढ लिया है, जिससे उनका अभिनंदन किया जाए.

जॉन वॉर्स्टर बायोग्राफ़ी

जब मंडेला जेल गए, तब उन्‍होंने अत्याचारियों की भाषा अफ़्रीकांस सीखी. उन्‍होंने अफ़्रीकी-वासियों का इतिहास और ब्रिटिशों के विरुद्ध उनके संघर्षों का भी अध्‍ययन किया. उन्‍होंने अफ़्रीकांस भाषा में कुछ अफ़्रीकांस लेखकों की पुस्तकें पढ़ीं और उनका आनंद उठाया. उन लेखकों में से एक लेखक जिनके कार्य का उन्‍होंने आनंद उठाया वह दक्षिण अफ्रीका के पुराने लेखक सी.जे. लैंगेनहोवन थे, जिन्‍होंने रंगभेदी देश के लिए राष्ट्रगान डिएम स्टेम भी लिखा था. लैंगेनहोवन संसद के सदस्‍य भी थे जिन्‍होंने अफ़्रीकांस को दक्षिण अफ़्रीका की राजभाषा के रूप में मान्‍यता दिलाने के लिए भी कार्य किया. जब नेल्‍सन मंडेला जेल में थे, तब केवल अंग्रेजी और अफ़्रीकांस राजभाषा थीं. जब वे राष्ट्रपति बने, तब उन्‍होंने देश की नौ अफ़्रीकी भाषाओं को शामिल किया.

लैंगेनहोवेन
आभार: कहानी

Photographer — Ardon Bar-Hama
Photographer — Matthew Willman
Research & Curation — Nelson Mandela Centre of Memory Staff

क्रेडिट: सभी मीडिया
कुछ मामलों में ऐसा हो सकता है कि पेश की गई कहानी किसी स्वतंत्र तीसरे पक्ष ने बनाई हो और वह नीचे दिए गए उन संस्थानों की सोच से मेल न खाती हो, जिन्होंने यह सामग्री आप तक पहुंचाई है.
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