1918 - 1941

नेल्सन मंडेला प्रारंभिक जीवन

Nelson Mandela Centre of Memory

“...घास के मैदान में मेरे अनुभवों ने, जहां हमने समूहों में एकसाथ काम किया और खेले, मुझे कम आयु में सामूहिक प्रयासों के विचारों से अवगत कराया.”

1918 में जन्म के बाद से 1941 तक नेलसन मंडेला, पूर्वी ग्रामीण केप में रहे. थिंबू के मुखिया (पारंपरिक नेता) के इस बेटे को सबसे पहले थिंबू के लोगों के रीति-रिवाज़ो और क्रिस्चन मिशन स्कूल से प्राप्त शिक्षा ने प्रभावित किया. 1939 और 1941 के मध्य उन्होनें फ़ोर्ट हेयर विश्व-विद्यालय में अध्ययन किया, जो काले रंग के दक्षिण अफ़्रीकी लोगों (और अन्य अफ़्रीकी देशों के काले रंग के विद्यार्थी) के लिए तीसरी श्रेणी का संस्थान था, यहां पहली बार इनका अफ़्रीकी राष्ट्रीयता की राजनीति से परिचय हुआ. 1941 में उन्होंने पूर्वी केप छोड़ दिया और जोहांसबर्ग शहर चले गए, जहां उन्हें प्रत्यक्ष रूप से राज्य नस्लवाद की वास्तविकता देखने को मिली और यहीं उन्हें अफ़्रीकी राष्ट्रीय कांग्रेस के लिए राजनैतिक गृह खोजना था.

नेल्‍सम मंडेला स्‍मृति केंद्र के संग्रह में यह कुछ सबसे पुरानी चीजें हैं.

1929 से 1934 के बीच उनके वार्षिक सदस्‍यता का रिकॉर्ड रखने वाले उनके मेथडिस्‍ट चर्च की सदस्‍यता कार्ड के संग्रह की व्याख्या इससे बेहतर और क्या हो सकती है कि वे अपने अधिकांश वयस्क जीवन में, हमेशा से रिकॉर्ड बनाने और रिकॉर्ड संरक्षित रखने वाले जुनूनी व्यक्ति रहे थे.

मेथडिस्ट चर्च कार्ड्स

छोटे, पीले कार्ड, इज़ीसोसा की उनकी गृह भाषा में लिखित हैं और वह तिथि दिखाती है, जिस वे संडे स्कूल के सदस्यों के लिए है – मैथोडिस्ट चर्च के बच्चे कांगग्रेगेंट के लिए मंच. कार्ड पर बाइबल के प्रिंट किए गए छंद हैं.

बचपन में संडे स्कूल (रविवारीय विद्यालय) में जाने के अभ्यास ने संभवतः श्री मंडेला के मन पर एक छाप छोड़ी होगी, जिसके कारण वह पहली बार फोर्ट हेयर के विश्वविद्यालय जाने पर, एक संडे स्कूल के शिक्षक भी बने.

27 मार्च 1977 को रॉबेन द्वीप से अपनी बड़ी बेटी माकी मंडेला को लिखे अपने पत्र में उन्होंने ये कहा:

“जैसा कि आप जानते हैं, मेरा मैथोडिस्ट चर्च में बपतिस्मा किया गया और मैंने वैस्लवेन विद्यालय - क्लार्कबरी, हेल्डटाउन और फ़ोर्ट हेयर से शिक्षा प्राप्त की थी. फ़ोर्ट हेयर में तो मैं संडे स्कूल शिक्षक भी बन गया था.”

एक फ़ोटोग्राफ़, जिसे नेल्सन मंडेला द्वारा लिया गया सबसे पहला फ़ोटोग्राफ़ माना जाता था, नेल्सन मंडेला स्मृति केंद्र में रखा गया है. उसमें मंडेला हेल्डटाउन, वेस्लेयान कालेज की एक कक्षा फ़ोटोग्राफ़ में है, जिसमें वह 1937 और 1938 में उपस्थित रहे थे.

शुरूआती फ़ोटोग्राफ

फ़ोटोग्राहक के मध्य में श्रीमति मार्टल वर्कमैन बैठी हैं, जो लड़कियों के होस्टल की प्रमुख हैं और रेव आर्थर वेलिंगटन, जो हील्डटाउन के प्रमुख हैं. हील्डटाउन के अपने सभी संग्रहणों में, श्री मंडेला ने रेव वेलिंगटन के व्यक्तित्व को हाइलाइट किया है जो प्रमाणित करेगा कि “मैं वेलिंगटन के राजकुमार की संतान हूं”. श्री मंडेला जब भी लोगों को अपने स्कूल के दिनों की कहानियां सुनाते थे, तब वे अक्सर हंसने लगते थे.

रेव वेलिंगटन की दाईं ओर रेव एसएम मोकिटिमी (अन्य पदों के साथ, लड़कों के होस्टल के प्रमुख) हैं और उनकी दाईं ओर श्रीमति जेन मेथोलो, एक विद्यार्थी हैं. रेव मोकिटिमी के पीछे एक अन्य विद्यार्थी श्री गिलबर्ट न्ज़ीमेनी हैं.

रेव एसएम मोकिटिमी के बारे में श्री मंडेला ने यह लिखा कि: “रेवरेंड मोकिटिमी ने हमें किसी अन्य कारण से प्रभावित किया: वे रेव वेलिंगटन के सामने खड़े हुए.” उन्होंने कहा कि इस दृश्य का साक्षी बनकर उन्होंने महसूस किया कि “एक काले व्यक्ति को अपने आप श्वेत व्यक्ति की बात मानने की आवश्यकता नहीं थी, हालांकि वह वरिष्ठ थे.”

“... छोटी आयु में ही मैं अपने माता-पिता से अलग रहने लगा था, अन्य लड़को के साथ बाहर घूमता रहता, खेलता और खाया करता था. वास्तव में मुझे तो ऐसा कोई पल याद नहीं है जब मैं कभी घर पर अकेला था.”

देश का बचपन: स्वाज़ीलैंड में सीनेटर डगलस लुखेले को 1 अगस्त 1970 को लिखे इसे पत्र में, उन्होंने स्वयं को अपने देश के बचपन का स्मरण कराया.

जब 13 जून 1964 से रॉबिन आइलैंड पर नेल्सन मंडेला की उम्र कैद आरंभ हुई, तो उन्हें प्रत्येक छह महीनों में केवल 500 शब्दों का एक पत्र लिखने और प्राप्त करने की अनुमति थी. वे पत्र बहुमूल्य थे - बाहरी दुनिया से संपर्क करने का और परिवार का समाचार प्राप्त करने का साधन थे.

यही वह माध्यम था जिससे वे अपने कारावास में बीते समय को याद कर और अपने विचार दर्ज कर सकते थे. एक तरह का आत्म-चिंतन – जब हमें नहीं पता होता कि पत्र अभिप्रेत प्राप्तकर्ता तक सुरक्षित पहुंचेगा या नहीं.

परंपरा और आधुनिकता

नेल्सन मंडेला ने अपनी पृष्ठभूमि और बचपन के बारे में काफी कुछ लिखा और कहा है: चाहे वह समस्याओं के समाधान के लिए वयस्कों के अनुभव सुनने को लेकर हो या वे दो दुनिया जिनसे उनका जुड़ाव रहा.

संग्रह श्री मंडेला परंपरा और आधुनिकता के बीच के तनाव के लेकर उनकी जागरुकता और उनके यह विचार दर्शाता है कि जबकि उन्होंने अपनी ग्रामीण पृष्ठभूमि से सीखा, आधुनिक व्यक्ति बनाने में उसका बड़ा योगदान है.

उन्होंने उन लोगों के लिए भी अपनामजनक ढंग से लिखा है जो अपने सांस्कृतिक रीति-रिवाजों या मूल्यों का उपयोग दूसरों को नीचा दिखाने के लिए करते हैं. उनका हमेशा ही आग्रह होता था कि लोगों को परंपरा का सम्मान करना चाहिए लेकिन उन्हें परंपरा के आधार पर यह निर्धारित नहीं करना चाहिए कि अन्य लोगों के साथ कैसी बातचीत करनी चाहिए.

छिपी हुई बंदूक

नेल्‍सन मंडेला और उनके चचेरे भाई जस्टिस ने 1941 में ग्रेट पैलेस का अपना घर छोड़ दिया ताकि वे अपने विवाह से बच सकें और वे जोहनेसबर्ग की क्रॉउन खानों में जा पहुंचे. दरवाज़े पर उन्‍होंने बिकित्‍शा नामक एक पूर्व परिचित व्‍यक्ति से अपना सूटकेस पकड़ने के लिए कहा.

खान के सुरक्षा कर्मियों द्वारा ली गई तलाशी में पता चला कि सूटकेस में उनके कुछ कपड़ों से लिपटा भरा हुआ रिवॉल्‍वर था, जिसे श्री मंडेला के पिता ने उन्‍हें दिया था.

तकरीबन 30 से 40 वर्षों के बाद दक्षिण अफ़्रीका के ऐतिहासिक प्रोफ़ेसर चार्ल्स वेन ऑनसीलिन, जोहान्सबर्ग पुस्तकालय में “लेफ़्ट ऑफ़ सेंटर” नामक पुरानी पुस्तक ढूंढ रहे थे. वहां, उन्हें ऐडी रॉक्स की किताब 'टाइम लॉन्गर देन रोप: दि ब्लैक मैन्स स्ट्रगल फ़ॉर फ्रीडम इन साउथ अफ़्रीका', की एक प्रति मिली. यह किताब उस समय दक्षिण अफ़्रीका में प्रतिबंधित थी. प्रोफ़ेसर वेन ऑनसीलिन ने किताब खरीदी और घर ले गए.

उन्हें उस किताब से गिरी दो नौजवानों की एक तस्वीर को देखकर आश्चर्य हुआ - जिनमें से एक को उन्होंने तुरंत पहचान लिया, वह रॉबेन द्वीप के नेल्सन मंडेला थे.

श्री मंडेला ने तत्पश्चात यह पुष्टि की कि फ़ोटो में वह अन्य व्यक्ति हिडन गन सागा का बिकित्सा था.

विश्वविद्यालय

1939 में नेल्सन मंडेला ने फ़ोर्ट हेयर विश्व-विद्यालय में अध्ययन आरंभ किया, जहां से 1942 में उन्होंने BA से स्नातक की उपाधी प्राप्त की.

जोहांसबर्ग में इन्होंने विटवाटर्स लैंड विश्व-विद्यालय में अपना नामांकन करवाया और इसके बाद जब उन्हें 1962 में कारावास हो गया तब उन्होंने लंदन विश्व-विद्यालय से अपना अध्ययन आरंभ किया. यहां से आज़ाद होने के महीनों बाद 1989 में अब्सटिया के अलबियट से अंततः उन्होंने अपनी एलएलबी की डिग्री के साथ स्नातक उपाधि प्राप्त की.

लेकिन फ़ॉर्ट हेयर में बिताया अपना समय उनके लिए सबसे अधिक स्मर्णीय था. यहां वह देश के ऐसे नौजवान थे जिन्हें दक्षिण अफ़्रीका में काले रंग के लोगों के लिए सबसे प्रतिष्ठित शैक्षिणिक संस्थान से अध्ययन करने का अवसर मिला.

वे यह जानते थे कि वहां पर अध्ययन करने से, जाति-वाद से ग्रस्त देश में काले-रंग का व्यक्ति होने के कारण कई भेदभाव और कठिनाइयों के बावजूद, उन्हें सफल जीवन प्राप्त करने में सहायता मिलेगी. वे एक बात से निराश थे, जैसा कि उन्होनें अपनी मूल जीवनी हस्तलिपी में भी लिखा है, कि जो भी उन्होनें सीखा वह दक्षिण अफ़्रीकी परिस्थितियों के लिए प्रत्यक्ष रूप से प्रासंगिक नहीं था.

घर छोड़ना

शायद नेल्सन मंडेला के जीवन का सबसे निर्धारक क्षण उनके पिता गाडला हैनरी मफ्कानइस्या की मृत्यु थी क्योंकि इसका मतलब था कि उन्हें अपनी प्रिय मां से अलग होना था और राज्याधिकारी के साथ जाना था, जिसने उन्हें अपने बेटे के रूप में गोद लिया था.

मैकेजवेनी की शानदार महल के शाही निवास पर जोगिंडयिबो और उनके बेटे जस्टिस के साथ उनके जीवन का मतलब था, सुविधाओं और अवसरों का जीवन. इसका अर्थ था कि अब वे उत्कृष्ट विद्यालयों और विश्वविद्यालय में शिक्षा प्राप्त करेंगे. इसका अर्थ यह भी था कि वे अलग रहकर और एक राज्याधिकारी की तरह समुदाय से मिल सकते और अपने विचार रखने से पहले, उनकी समस्या सुन सकते थे.

इन अनुभवों से आगे बढ़ने वाले नेल्सन मंडेला जैसे व्यक्तित्व पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ा. उन्होंने अपने पिता की मृत्यु के बाद अपनी अप्रकाशित हस्तलिखित स्वः जीवनी खोली.

जब नेल्सन मंडेला की आयु 16 वर्ष थी, तब वे मानवता के मार्ग के पारंपरिक ज़ोसा रिवाज़ में शामिल हुए. उन्होंने उस नदी के किनारे जिसके पास वे जन्मे थे, 'आरंभीकरण स्कूल' के रूप में ज्ञात प्रक्रिया के लिए 25 अन्य युवाओं द्वारा शामिल किए गए थे.

इसमें पहल में घर से दूर जाकर अन्य युवाओं के साथ जंगल में रहना शामिल था. उन्हें मर्द बनने पर परामर्श और सलाह दी गई और अपना संक्रमण पूरा करने के लिए उन्होंने सुन्नत करवाई.

राष्ट्रपति पद पर आसीन होने और उसके बाद श्री मंडेला दर्द की शिकन के साथ अपनी सुन्नत के बारे में बताकर अपने विदेशी पुरुष आगंतुकों को आश्चर्यचकित करके प्रसन्न होते थे.

1970 के दशक में रॉबेन द्वीप पर उन्होंने एक ऐसा ही वर्णन अपनी अप्रकाशित हस्तलिखित स्वः जीवनी में लिखा था.

नेल्सन रोलीह्लला एक राजा के द्वारा पाले गए थे. अपने पिता न्कोसी (मुख्य) म्फाकन्यीस्वा मंडेला, थेम्बू राजा के काउंसलर, की मृत्यु के बाद इन्हें म्हेकेज्वेनी के रॉयल पैलेस या ग्रेट प्लेस में भेज दिया गया था. जहां उनका पालन-पोषण अवयस्क राजा सबाटा के राज्याधिकारी जोंगिंताबा दलिन्दयेबो द्वारा किया गया. उनकी सतर्क निगरानी में मंडेला की अच्छी परवरिश हुई और अपने समय की सर्वश्रेष्ठ शिक्षा उन्होंने प्राप्त की. वे राज्याधिकारी द्वारा कोर्ट बुलाने के दौरान आस-पास रहने और विवादों पर उनके निर्णय को देख सुनकर ही भविष्य के नेता ने बहुत कुछ सीखा व जाना कि कैसे अपना विचार व्यक्त करने से पहले हर पक्ष के तर्क को ध्यान से सुनना और समझना चाहिए. ये कौशल आगे जाकर स्थायी स्वभाव में बदल गए.

राजा द्वारा पाला-पोसा गया

नेल्‍सन मंडेला का जन्‍म म्‍वेज़ो के पूर्वी केप गांव में हुआ था, वे अपने पिता की तीसरी पत्नी के इकलौते पुत्र थे. उन्‍होंने अपना अधिकांश शुरूआती बचपन कुनु में बिताया और अपने पिता की मृत्‍यु के बाद मखेकेज्‍वेनी चले गए. उन्‍हें हमेशा से कुनु जाना पसंद था, यहां उन्‍होंने 1990 में जेल से छूटने के बाद अपना घर बनाया था. स्‍वतंत्र नागरिक के रूप में उनके मस्तिष्क में सर्वप्रथम इच्‍छा कुनु जाने की थी, जहां उनके माता पिता शांति से रहते थे. उनकी मां नोसेकेनी की मृत्‍यु 1968 में उनके सातवें दशक के दौरान तब हुई जब वे रॉबेन द्वीप में जेल में थे. वे यथाशीघ्र अपने माता और पिता न्‍कोसी (प्रमुख) मफकान्यिस्‍वा की कब्र पर गए जिनका देहांत तब हुआ था जब वे बच्‍चे थे.

क्यूनू को याद करना

नेल्सन मंडेला ने हमेशा यह कहानी सुनाने का आनंद लिया कि कैसे ज़ोसा कवि म्घई नाटकीय रूप से अपनी युवा दुनिया में खो गए, जो मिथकों को हटाकर उन्हें उन बाधाओं से आगे देखने के लिए प्रेरित करता है जो उनके रास्ते में लगाई गई थीं. उनका बार-बार यह कहानी सुनाना उनके मेथोडिस्ट बोर्डिंग स्कूल हील्डटाउन में म्घई के आने पर आधारित है जहां उन्हें उनकी हाई स्कूल की शिक्षा लेने के लिए भेजा गया था. उनका वृत्तांत श्रोताओं को डॉ आर्थर वेलिंगटन के उपनिवेशी आंकड़े द्वारा नियंत्रित संस्थान के 1930 के अंतिम भाग में ले आया, जिनसे आभासी रूप से कोई प्रश्न नहीं करता – जब तक कि म्घई स्टेज पर नहीं आए जिन्होंने अपने अचेत दर्शकों को दिखाया कि वे सभी लोगों में से कैसे सबसे महत्वपूर्ण थे. श्री मंडेला यह व्याख्या करते हुए समाप्ति की, हालांकि, उन्होंने बाद में जाना कि जातिवादी बनना पिछड़ापन था.

आमंत्रित कवि

फोर्ट हेयर विश्वविद्यालय कॉलेज से निष्कासित होने पर एक बार नेल्सन मंडेला ने अपने अभिभावक, राजा को क्रोधित कर दिया तब यह तय किया गया कि इस समस्या का समाधान उनका विवाह ही है. वे और जस्टिस, उनके चचेरे भाई और राजा के बेटे के सामने एक योजना प्रस्तुत की गई: राजा ने उन दोनों के लिए पत्नियां खोज ली थीं. राजा की ओर से किए गए इस कार्य ने श्री मंडेला को बाहर निकलने और शीघ्रता से औद्योगिकीकरण की ओर अग्रसर जोहानसबर्ग जाने का बहाना दे दिया. यह वह समय था जब राजनीति में उनकी दिलचस्पी शुरू हुई और वे अपने भाग्य के निर्माता स्वयं बनने की ओर बढ़े - रंगभेद को समाप्त करने के लिए.

विवाह
आभार: कहानी

Photographer — Ardon Bar Hama
Photographer — Matthew Willman
Reasearch & Curation — Nelson Mandela Centre of Memory Staff

क्रेडिट: सभी मीडिया
कुछ मामलों में ऐसा हो सकता है कि पेश की गई कहानी किसी स्वतंत्र तीसरे पक्ष ने बनाई हो और वह नीचे दिए गए उन संस्थानों की सोच से मेल न खाती हो, जिन्होंने यह सामग्री आप तक पहुंचाई है.
Google अनुवाद करें
मुख्यपृष्ठ
एक्सप्लोर करें
आस-पास
प्रोफ़ाइल