तिमिसोआरा, पहला आज़ाद शहर

TVR, The Romanian Public Broadcaster

" भीड़ ने एक नेता की तरह मुझे देखा, लेकिन वास्तव में मैं बस उनके क्रोध का कैदी था."
लैस्ज़्लो टोक्स

तिमिसोआरा में क्रांति की शुरूआत

प्रसंग:

10 दिसंबर को, सुधारवादी पादरी लैस्ज़्लो टोक्स ने अपने पैरिशवासियों से घोषणा की कि 15 दिसंबर को उसे नागरिक सेना द्वारा निकाल दिया जाएगा और इस कारण वह अपनी अगली सेवा आयोजित नहीं कर पाएगा. उसे तिमिओसारा से मिनीउ गांव (सलाज काउंटी) की पैरिश में भेज दिया जाएगा. उसने अपने पैरिशवासियों से अपने निष्कासन का विरोध करने के प्रयास का समर्थन करने के लिए कहा. 10 दिसंबर की रात प्रदर्शनकारी चाउसेस्कु के विरुद्ध तिमिओसारा की सड़कों पर दिखाई दिए.

तिमिस काउंटी के भूतपूर्व सुरक्षा उपाध्यक्ष राडु टीनू, ने कहा कि 15 दिसंबर को विदेशी राजनयिकों ने टोक्स से संपर्क किया था.

15 दिसंबर को, सुबह के 8 बजते ही, सुधारवादी चर्च के कुछ पैरिशवासी टोक्स के निष्कासन का विरोध करने के प्रयास में, मारिया चौराहे पर पादरी के निवास स्थान के आस-पास इकट्ठे हो गए, जहां पादरी लैस्ज़्लो टोक्स रहते थे. पादरी के घर के आस पास लोगों का हुजूम बढ़ता जा रहा था. दोपहर लगभग 12:00 बजे, स्थिति को शांत करने के लिए मारिया चौराहे पर स्थित सेना के सदस्यों को बुलाया गया, विशेष रूप से इसलिए क्योंकि टोक्स विदेशी प्रेस की नज़रों में आ चुके थे. अमेरिकी और ब्रिटिश दूतावासों ने घटनाओं की निगरानी करने और उन्हें रिकॉर्ड करने के लिए अपने प्रतिनिधियों को तिमिओसारा भेजा. दोपहर लगभग 1 बजे, तिमिस के सुरक्षा प्रमुख, कर्नल ट्रेयन सिमा ने विरोध के लिए ज़िम्मेदार लोगों और टोक्स के समर्थकों की पहचान करने के लिए क्षेत्र में कुछ एजेंट को भेजा. शाम 4 बजे तक, सौ से अधिक लोग मारिया चौराहे पर इकट्ठे हो गए.

चाउसेस्कु के विरुद्ध गीत गाती भीड़

16 दिसंबर, 1989

"मेरे बुलाए बिना और मुझे बताए बिना, 15 तारीख की सुबह को कुछ 150-200 अन्य सुधारे गए पैरिशवासियों ने प्रदर्शन किया."

लैस्ज़्लो टोक्स

सुबह 8 बजे, रोमेनियन कम्युनिस्ट पार्टी की काउंटी समिति के सचिवों को सूचित किया गया था कि 300-400 लोग मारिया चौराहे पर जमा हो गए थे.

रोमेनियन कम्युनिस्ट पार्टी की काउंटी समिति के प्रथम सचिव, राडु बलान, ने कहा कि उन्हें निकोल चाउसेस्कु की ओर से फ़ोन आया था, जिसमें उन्हें पादरी को निष्कासित करने का आदेश दिया गया था.

दोपहर 1 बजे से, तिमिसोआरा में मारिया चौराहे पर प्रदर्शनकारियों और सत्ता के प्रतिनिधियों के साथ, लोगों की संख्या बढ़ने लगी.

तिमिस काउंटी सेना के प्रमुख, कर्नल आयोन देहेलीनु, ने छः अधिकारियों और NCO को नागरिक वस्त्र पहनकर भीड़ में शामिल होने का आदेश दिया. 5 बजे तक, मारिया चौराहे पर लोगों की संख्या सैकड़ों तक पहुंच गई थी.

16 दिसंबर को, पादरी ने भीड़ को वहां से हटाने के कई प्रयास किए.

16 दिसंबर की शाम को, 5:20 और 5:30 बजे से बीच, मारिया चौराहे पर यातायात अवरोधित हो गया था. कुछ पार्टी कार्यकर्ता, प्रदर्शनकारियों में शामिल हो गए.

"शाम की शुरूआत में, प्रदर्शनकारियों की संख्या इतनी अधिक बढ़ गई थी कि उन्होंने चौराहे पर ट्राम यातायात को अवरोधित कर दिया. जो मुखर थे वो गाड़ियों पर चढ़ गए और भीड़ को संबोधित करने लगे,"

पीटर सियानी – डेवीस "Revoluţia română din decembrie 89" [दिसंबर 1989 की रोमानिया की क्रांति]

मैरियस मिओक द्वारा दिए गए विवरणों के अनुसार, सायं 7 बजे से 8 बजे के बीच, सशस्त्र ट्रक और हाथों में ढाल लिए सेना के जवान चौराहे पर दिखाई देने लगे और प्रदर्शनकारियों को टोक्स निवास के आस-पास से हटा दिया गया.

लोग मारिया चौराहे को सिटी सेंटर से जोड़ने वाले पुल पर दोबारा जमा हो गए. दंगा रोकने वाली ढाल हाथों में लिए नागरिक सेना की टुकड़ियां पुल पर पहुँच गईं और भीड़ को दो भागों में विभाजित कर दिया. सिटी सेंटर की ओर बढ़ते हुए लोगों ने समूहों का रूप ले लिया. रात में लगभग 9 बजे, सड़क पर लगी बत्तियां कुछ मिनट के लिए बुझ गईं. पार्टी समिति तक पहुंच चुके प्रदर्शनकारी चाउसेस्कु विरोधी और साम्यवाद विरोधी नारे लगा रहे थे और उन्होंने भवन की दीवार से रोमेनियन कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य-चिह्न को निकाल दिया.

ढालों, डंडों और हेलमेट से सुसज्जित नागरिक सेना के सदस्यों ने लोगों पर हमला कर दिया. रात को 10 बजे, 28 शस्त्र-रहित नागरिक सेना सदस्यों को पहले पादरी के घर भेजा गया, उसके बाद पुलिस के डंडों, ढालों, हेलमेट और कुछ सशस्त्र ट्रकों के साथ 80 लोगों की एक पलटन को हस्तक्षेप करने के लिए भेजा गया. चाउसेस्कू ने उस रात जनरल इउलियन व्लाड को दो बार बुलाया, रात को 10 बजे और रात 2 बजे. उसने, उससे पूछा कि उसने क्या उपाय किए हैं और उस पर इस घटना को हल्के में लेने का आरोप लगाया. जनरल मिलिया को तिमिसोआरा के राजनीतिक नेतृत्व से फ़ोन आ रहे थे, जो उनसे सैन्य हस्तक्षेप की मांग कर रहे थे. पहले तो रक्षा मंत्री ने इस बात को यह कहते हुए टाल दिया कि यह सैन्य हस्तक्षेप का मामला नहीं है. फिर उन्होंने पांच गश्ती दल बिना हथियारों के ,भेजे और उसके बाद दस अन्य गश्ती दल भेजे गए तथा 941 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया.

17 दिसंबर, 1989

सुबह 3 से 5 बजे के बीच, तिमिस काउंटी कोर्ट के अध्यक्ष ने टोक्स और उनके परिवार के बलपूर्वक निष्कासन का आदेश दिया. निकोल चाउसेस्कु ने, लोगों द्वारा किए जा रहे किसी भी विरोध प्रदर्शन को हतोत्सहित करने के लिए वैसिले मिलिया को एक सैनिक परेड आयोजित करने का आदेश दिया.

जनरल मिलिया ने पूरे शहर के चार मार्गों पर सेना के बैंड के साथ 500 सैनिकों वाली दो टुकड़ियों को परेड का आदेश दिया. सुबह 10 और 10.30 बजे के बीच तिमिओसारा की सड़कों पर सेना ने परेड की.

नागरिक सेना और सुरक्षा विभाग के 220 जवान हल्की मशीनगनों से लैस थे. सुरक्षा विभाग की दो और सीमा गार्ड की तीन पलटनों ने सुबह लगभग 11 बजे काउंटी पार्टी समिति को घेर लिया.

सेना का टैंक

दोपहर 1:30 बजे, राष्ट्रीय रक्षा मंत्री, जनरल वैसिले मिलिया, ने तिमिसोआरा में गोला बारूद के उपयोग का अधिकार देते हुए, हस्तक्षेप करने का आदेश दिया.

आपातकालीन स्थिति की घोषणा कर दी गई. आदेश में विदेशी शत्रु की उपस्थिति का संदेह जताया गया, आगे होने वाले सशस्त्र आक्रमण के संभावना की ओर इशारा किया और संकेत दिया कि सेना के जवान हथियार और युद्ध सामग्री से लैस हों.

दोपहर 2:25 बजे, आठ निर्देश देने वाले टैंकों और दो युद्धक टैंकों को गोला बारूद के साथ सड़कों पर उतार दिया गया. भीड़ ने टैंकों को रोकने का प्रयास किया. चेतावनी के लिए गोलियां चलाई गईं और एक टैंक में आग लगा दी गई.

दोपहर लगभग 3 बजे, प्रदर्शनकारियों ने रोमेनियन कम्युनिस्ट पार्टी और म्युनिसिपल पार्टी संगठन के तिमिस काउंटी समिति भवन पर आक्रमण किया. सेना के एक टैंक में आग लगा दी गई और लोग जबरदस्ती समिति मुख्यालय में घुसने लगे. प्रदर्शनकारियों ने, तानाशाह की तस्वीरों के साथ-साथ पार्टी की किताबों और झंडों को खिड़कियों से बाहर फ़ेक दिया. उन्हें बड़े मीटिंग हॉल में एक झंडा मिला और उन्होंने इस झंडे से राज-चिह्न को काट दिया. एक युवा महिला झंडे को बालकनी में ले गई और इसे भवन के बाहर इकट्ठी भीड़ की ओर लहराने लगी. प्रदर्शनकारी ऑपेरा चौराहे पर जमा हो गए.

"तुम्हें उन पर गोलियां चलानी चाहिए थीं, उनके पैरों पर गोलियां मारते और जो लोग गिर जाते, उन्हें तहखानों में बंद कर देते और कभी बाहर नहीं जाने देते."

एलेना चाउसेस्कु

नागरिक सेना की कार

सायं लगभग 4:30 बजे, सैनिकों को ज़िंदा गोला बारूद दिया गया. प्रदर्शनकारियों और सेना के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई और प्रदर्शनकारियों ने एक कार को आग लगा दी. मेजर वैसिले जोइटोइउ ने एक स्वचालित हथियार से गोलीबारी की.पहले पीड़ित मारे गए. सायं 6:30 बजे, उन प्रदर्शनकारियों ने कैलिया गिरोकुलुआइ पर ट्रॉली बसों से एक मोर्चाबंदी में बनाकर पांच टैंको को अवरोधित कर दिया गया जो उन्हें काउंटी समिति तक जाने से रोकना चाहते थे.

कई लोग लिबर्टी चौराहे से भागने में सफल रहे और ऑपेरा और कैथेड्रल की भीड़ में शामिल हो गए.

शाम लगभग 7:15 बजे, बिना किसी चेतावनी के, सभी दिशाओं में गोलियां चलने लगीं. नागरिक सेना और सुरक्षा विभाग के सैनिकों ने पूरी रात गश्त की. मोबाइल गश्ती दलों ने ऑपेरा चौराहे, कैलिया गिरिओकुलिइ, कैलिया एराडुलुइ, कैलिया सैगुलुइ, कैलिया बुज़ियासुलुइ, डेसेबल ब्रिज, ट्रेयान चौराहे, तिमिसोआरा नॉर्थ रेल स्टेशन पर देखते ही गोली मारना आरंभ कर दिया.

2008 में नोटबुक्स ऑफ़ रिवॉल्यूशन में प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार तिमिसोआरा में 17 दिसंबर को 63 लोग मारे गए और 326 घायल हुए.

" मैंने तुम्हें बताया था कि तुम्हें क्या करना है... तुम्हें गोली चलानी ती! तुम्हें पहले चेतावनी देने के लिए के लिए गोली चलानी थी और अगर वे नहीं रुकते तब तुम्हें उन पर गोली चलानी थी."

निकोल चाउसेस्कु

आभार: कहानी

Editor contributor — Lina Vdovîi
Editor contributor — Monica Paula Coman
Editor contributor — Alina Conţeanu
Editor contributor — George Gurescu
Editor arhive — Mihai Ciobanu
Operator film 16 mm — Carmen Draghici
Documentare foto — Irina Bartolomeu
Editor foto/ video — Silviu Panaite
Coordonator proiect — Dorian Stoica

क्रेडिट: सभी मीडिया
कुछ मामलों में ऐसा हो सकता है कि पेश की गई कहानी किसी स्वतंत्र तीसरे पक्ष ने बनाई हो और वह नीचे दिए गए उन संस्थानों की सोच से मेल न खाती हो, जिन्होंने यह सामग्री आप तक पहुंचाई है.
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