रोमानिया की क्रांति, सीधा प्रसारण

TVR, The Romanian Public Broadcaster

"बंदुकें आत्माओं को नहीं कुचल सकतीं, वे आदर्शों का विनाश नहीं कर सकतीं"
रोमानिया के राजा माइकल, रेडियो फ़्री यूरोप पर दिए एक बयान में
रोमानिया की क्रांति के दौरान राष्ट्रीय टेलीविज़न टावर
आपातकाल की घोषणा

चूंकि सेना की कार्रवाइयां तिमिसोरा में साम्यवाद-विरोधी आंदोलन को रोकने में विफल रही थी, इसलिए निकोलाय चाउसेस्कु ने राष्ट्रीय स्तर पर आपातकाल की घोषणा करने का निर्णय लिया.

22 दिसंबर को, 10:51 पर राष्ट्रगान ("Trei culori" तीन रंग) के प्रसारण के साथ रोमानिया टेलीविज़न प्रसारक का पहला प्रसारण आरंभ हुआ. इसके तुरंत बाद, टीवी उद्घोषक जॉर्ज मैरिनेस्कु ने "राष्ट्रीय स्तर पर आपातकाल की घोषणा पर राष्ट्रपति का निर्णय" पढ़ कर सुनाया.

इस दस्तावेज़ के अनुसार, सेना की सभी यूनिट तैयार रखी जाएंगी, भीड़ एकत्र होना और पांच से अधिक लोगों का एकत्र होना मना होगा और इसी प्रकार रात में 23:00 बजे के बाद कोई भी आंदोलन करना निषिद्ध होगा.

"कामगार वर्गों को प्राप्त की गई सभी चीजों की रक्षा करनी चाहिए: देश की संप्रभुता और स्वतंत्रता" (निकोलाय चाउसेस्कु का राष्ट्रपति निर्णय)

पहली क्रांति का सीधा प्रसारण किया जाना था

राष्ट्रीय टेलीविज़न प्रसारक के आंगन में प्रदर्शनकारी

प्रदर्शनकारियों का पहला समूह सुबह 11 बजे के आसपास राष्ट्रीय टेलीविज़न प्रसारक, टेलीविज़ुनिया रोमाना, के मुख्यालय पर पहुंचा. उन्होंने प्रबंधकों से देश में विरोध प्रदर्शनों की स्थिति की जानकारी प्रसारित करने के लिए कहा.

आरंभ में, नेटवर्क के निर्देशक ने उनका अनुरोध अस्वीकार कर दिया लेकिन काफ़ी बातचीत के बाद, प्रसारक के प्रतिनिधियों ने आंगन में एक एंप्लिफ़ीकेशन केंद्र स्थापित करने का वादा किया. अंत में, उन्होंने क्रांति के पहले सीधे प्रसारण के लिए स्टुडियो 4 स्थापित किया.

दोपहर 12:47 बजे, पृष्ठभूमि में जॉर्ज एनेस्कु का रोमानिया रैप्सडी चलाते हुए, क्रांतिकारी और टेलीविज़न स्टाफ़ को प्रसारण से पूर्व स्टुडियो 4 में अंतिम तैयारियां करते हुए फिल्माया गया.

फ़्री टेलीविज़न के पहले सीधे प्रसारण से पहले

"हम जीत गए!"

टेलीविज़न पर पहला सीधा प्रसारण.

स्टुडियो 4 दोपहर 12:51 बजे प्रसारित किया गया. अभिनेता इयॉन कारामिट्रु और कवि मिरकिया डिनेस्कु पहले वाचक थे. "भाइयों, ईश्वर की कृपा से (क्रॉस का चिह्न बनाते हुए), अब हम टेलीविज़न के स्टुडियो में हैं," पहले इयॉव कारामिट्रु ने कहा.

उन्होंने सेना, छात्रों, अपने आस-पास के लोगों और अन्य "हजारों-हजार रोमानियावासियों और हमारा नेतृत्व करने वाले अन्य देशों के लोगों" का धन्यवाद किया.

"हमें धैर्य रखना चाहिए. हमने 25 वर्षों तक प्रतीक्षा की है, तो हम कुछ मिनट और प्रतीक्षा कर सकते हैं. लोगों की जीत हुई है!" (मिर्सिया डिनेस्कु)

कवि मिर्सिया डिनेस्कु ने घोषणा की कि राष्ट्र के लिए एक कार्यक्रम और एक उद्घोषणा पर काम किया जा रहा था. उन्होंने शांति और समझदारी से काम करने की अपील की. डिनेस्कु ने आगे कहा "काफी खून बहाया जा चुका है,".

प्रदर्शनकारियों से राष्ट्रीय टेलीविज़न प्रसारक का भीतर वाला आंगन भर गया

वहां तीन मुख्य क्षेत्र थे जहां क्रांति के दौरान निर्णय लिए जाते थे. उनमें से एक था टेलीविज़न, जिसके माध्यम से रोमानियावासी उस समय घट रही घटनाओं के बारे में जान पाते थे और जहां मुख्य नेतागण सीधे प्रसारण द्वारा आदेश जारी करते थे. दूसरा "मुख्य स्थान" था- रोमानिया की साम्यवादी पार्टी की केंद्रीय समिति का मुख्यालय, जहां भावी सत्ता की रूपरेखा तैयार करने का प्रारंभिक कार्य होता था. तीसरा स्थान राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय का मुख्यालय था, जो उस समय सैन्य कार्रवाइयां संचालित करता था.

टेलीविज़न क्रांतिकारियों के संचार माध्यम में रूपांतरित हो गया था. विद्रोही, पूर्व साम्यवादी, अभिनेता या साम्यवादी पार्टी के निम्न श्रेणी के राजनीतिज्ञ जो देश के नए आंदोलन के प्रति अपनी निष्ठा दिखाना चाहते थे, टेलीविज़न स्टुडियो से भाषण देते थे.

उनमें से कुछ ने टीवी पर आने को "अपने पाप धोने" के तरीके के रूप में या शासन समाप्त होने के बाद रिक्त हुई सत्ता से लाभ उठाने के तरीके के रूप में लिया. टेलीविज़न उद्घोषकों द्वारा जारी किए गए ताज़े समाचारों के साथ, उनके शब्द अक्सर लोगों में घबराहट और असुरक्षा की भावना को बढ़ाते थे.

सेनाध्यक्ष और सेना के विभिन्न रूपों के प्रतिनिधियों ने टेलीविज़न स्टुडियो में अपनी पैठ बनाई और सभी दलों से युद्ध-विराम की अपील की.

उन्होंने देश की सभी सैन्य टुकड़ियों को निरस्त करने का आदेश दिया और सैनिकों को चाउसेस्कु समर्थकों और आतंकवादी टुकड़ियों द्वारा संभावित हमलों के लिए तैयार रहने को कहा.

टीवी स्टुडियो 5 ने देश की सभी सैन्य यूनिट के लिए सेनाध्यक्ष, जनरल स्टीफ़न गुसा की आधिकारिक घोषणा प्रसारित की. जनरल गुसा कहते हैं "सभी यूनिट और उप-यूनिट अपने बैरकों में वापस जाएं. किसी भी परिस्थिति में कोई भी नागरिकों पर गोली नहीं चलाए. हमें अपने देश में शांति और स्थिरता चाहिए,".

पिता और पुत्र, राष्ट्रीय टेलीविज़न प्रसारक के आंगन में

"अपने बैरकों के भीतर सभी सैन्य यूनिट को सतर्क और जवाबी हमले या उन लोगों को कड़ा जवाब देने के लिए हर समय तैयार रहना चाहिए जो देश के नए राजनीतिक, सामाजिक, लोकतांत्रिक अभिविन्यास को आघात पहुंचाना चाहते हैं."

"उसी समय, मैं चल रहे अभियानों में रक्षकसेना के कमांडर, विशेषकर सिबिउ की रक्षकसेना और अन्य से निवेदन करता हूं कि वे लोकप्रिय ताकतों से संपर्क करें और सभी सैन्य या अन्य हिंसक अभियान को जल्द से जल्द बंद करने के लिए जल्द से जल्द कदम उठाएं, क्योंकि ये अभियान वाकई में निरर्थक हैं."

(बुचारेस्ट रक्षकसेना के कमांडर, जनरल चीतक मिहाई)

"सिस्टम को बदलने से ज्यादा आसान चाउसेस्कु को मारना है." (डैन पेट्रेस्कु, जनवरी 26/27, 1988, लिबरेशन डेली)

पूर्व साम्यवादी समाचारपत्र Scînteia (स्कैंशिया) (अर्थात "चिंगारी") का प्रथम पृष्ठ

"हमारा समाचारपत्र आज प्रकाशित होगा, कुछ घंटों में, एक नए विशेष संस्करण में, लोगों की देशभक्ति और सच्ची अभिव्यक्ति के रूप में."

"Scînteia(स्कैंशिया)" रोमानिया की साम्यवादी पार्टी की आधिकारिक आवाज़ हुआ करता था. 1931 में लॉन्च किया गया, देश में नई सत्ता संरचना की आवाज़ बन जाने वाला यह दैनिक समाचारपत्र 1944 तक अवैध रूप से छापा जाता था. 22 दिसंबर, 1989 को, इस समाचारपत्र का अपना नाम बदलकर " Scînteia poporului (स्कैंशिया पॉपोरुली)" ("लोक चिंगारी") कर दिया गया और 1990 के दशक में यह बदलकर "Adevărul (ऐडेवारूल)" ("सत्य") हो गया, जो आज भी छपता है.

ताज़ा समाचार कि चाउसेस्कु और उसकी पत्नी भाग गए

टेलीविज़न स्टुडियो में की गई सीधी वार्ताओं ने क्रांति के दौरान एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उनसे लोगों को उनके शहरों और बुचारेस्ट में घट रही घटनाओं की नवीनतम जानकारी मिलती थी. टेलीविज़न एक सक्रिय संचार माध्यम बन गया.

उसी समय, टेलीविज़न ने भी जानकारी संबंधी अराजकता को जन्म दिया. कोई भी टेलीविज़न प्रस्तुतकर्ताओं द्वारा दी गई जानकारी की यथार्थता का सत्यापित नहीं कर रहा था और इन जानकारियों से आम लोगों में एक घबराहट तथा अशांति और फैल गई. "तत्काल बुलावा" और "महत्वपूर्ण संचार" के रूप में प्रस्तुत अफ़वाहों ने देश में अराजकता को बढ़ावा दिया और इसके कारण कई निर्दोष लोगों की जानें गईं.

 

टीवी पर घोषित एक ऐसी ही अफ़वाह "यह समाचार" यह थी कि देश भर के विभिन्न शहरों के पेय जल में आतंकवादियों ने जहर मिला दिया था. यह जानकारी प्रस्तुतकर्ता टिओडोर ब्रैटस ने पढ़ कर सुनाया, जिसने इस बात की भी घोषणा की थी कि बुचारेस्ट के फ़न्डेनी अस्पताल के रक्त बैंक रिजर्व को आतंकवादियों ने उड़ा दिया.

लेफ़्टिनेंट कर्नल मॉरिस ओपरीन ने कैमरा के सामने बयान दिया: "बड़ी मात्रा में बोतलबंद पेय जल, बीयर और कम अल्कोहल वाली शराब उपलब्ध कराएं (संपादक की टिप्पणी: वह खाद्य उद्योग निर्माताओं को संबोधित कर रहे थे)."

पेट्रे पॉपेस्कु, एक अन्य प्रस्तुतकर्ता ने कहा कि पिट्रोइया में एक गुप्त हवाईअड्डा है, जहां संभवतः चाउसेस्कु दम्पत्ति जा रहे थे. "निकटवर्ती क्षेत्रों के नागरिकों ने वहां कुछ गतिविधि होने का संकेत दिया है (...) प्रतीत होता है कि दम्पत्ति इस मार्ग से गए होंगे," उसने आगे कहा.

दूसरे वक्तव्य में, टियोडोर ब्रैटस ने कहा कि बुचारेस्ट बार में लोगों को मुफ़्त में शराब दी जा रही है ताकि वे पीकर धुत हो जाएं और इसके बाद गुंडागर्दी करें. ब्रैटस ने कहा कि "चलिए, हम व्यक्ति के रूप में अपनी गरिमा बनाए रखें और शराब न पीएं. हम केवल स्वतंत्रता के प्याले से पीकर उसका नशा लें".

रोमानियाई टेलीविज़न प्रस्तुतकर्ता ने रोमानियाई सैनिकों को संबोधित करते हुए उनसे कहा कि वे अपने वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश की प्रतीक्षा किए बिना, अपने देश की रक्षा के लिए अपने हथियार उठाएं. ब्रैटस ने कहा कि "टैंक को जाकर उन बिल्डिंग को तोड़ने दें जिनमें ये अपराधी रहते हैं", जबकि एक अन्य प्रस्तुतकर्ता ने यह संदेश दिया कि: "अब जनता आपको आदेश दे रही है, कमांडर के आदेशों की प्रतीक्षा करना बंद करें, जो संभवतः तानाशाही के कारण बहुत विवश हैं."

"परमाणु संपत्तियों, रिफ़ाइनरी, साइनाइड पूल, कुर्तिया दे आर्जेज़ के बांध पर कब्ज़ा करने के लिए एक मोटरचालित बख़्तरबंद रक्षादल, पिटेस्टी की ओर बढ़ रहा है! अगर एक बार ये संपत्तियां नष्ट हो जाएंगी, तो पिटेस्टी शहर पूरी तरह से दुनिया के नक्शे से गायब हो जाएगा!" (क्रांतिकारी काज़िमिर लोनेस्कु)

डैन मैरिन, पूर्व विश्व चैंपियन, पर प्रदर्शनकारियों ने एक आतंकवादी होने का आरोप लगाया

जैसे-जैसे चाउसेस्कु समर्थकों और आतंकवादी टुकड़ियों द्वारा संभावित हमले का भय बढ़ता जा रहा था, आम लोगों या साधारण प्रदर्शनकारियों को "आतंकवादी" होने के संदेह से देखा जाने लगा. पूर्व विश्व चैंपियन और राष्ट्रीय हैंडबॉल टीम के सदस्य, डैन मैरिन को क्रांतिकारियों द्वारा पकड़ लिया गया और उन पर आतंकवादी होने का आरोप लगाया गया. उन्होंने उन्हें पीटा और उन्हें रोमानिया की जनता के विरुद्ध किए गए "अपराध" स्वीकार करने के लिए टेलीविज़न स्टुडियो ले गए.

साम्यवादी शासन के विरुद्ध लगाए गए आरोपों के मुकदमे का, सभी दर्शकों के सामने, सीधा प्रसारण किया गया और स्टुडियो में उपस्थित लोग, जनता की ओर से न्यायाधीश बने. टेलीविज़न एक तदर्थ न्यायालय बन गया था. अपनी पहली वार्ता में, इयॉव इलिएस्कु ने चाउसेस्कु दंपत्ति पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे "क्रमिक मुकदमों के आधार पर साफ, स्पष्ट निर्णय के पात्र होंगे". यही विचार नव-नियुक्त थलसेनाध्यक्षों द्वारा भी दोहराया गया.

राष्ट्रीय टेलीविज़न स्टुडियो के बाहर एकत्रित प्रदर्शनकारी

उन दिनों, टेलीविज़न एक तदर्थ न्यायालय बन गया था. इस "कार्य" को सबसे बेहतर तरीके से उस घटना से समझाया जा सकता है जब निकु चाउसेस्कु, चाउसेस्कु का सबसे छोटा बेटा, को स्टुडियो में लाया गया. 22 दिसंबर की शाम उसे रोमानिया की जनता के समक्ष "प्रस्तुत" होने के लिए, स्टुडियो 4 के कैमरे के सामने लाया गया. निकु चाउसेस्कु को सैनिकों के एक समूह ने उस समय पकड़ा, जब वह सिबिउ से लौट रहा था. जिस कार से उसे सिटी सेंटर की ओर ले जाया जा रहा था, उस पर प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने हमला किया और निकु के गले में चाकू मारा गया. कैमरे के सामने उसे "छोटा राजकुमार" और बच्चों के अपहरण के आरोपी के रूप में प्रस्तुत किया गया.

प्रदर्शनकारियों ने पकड़ा गया निकु चाउसेस्कु, निकोलाय और एलिना चाउसेस्कु का बेटे
इयॉन इलिएस्कु, रोमानिया के भावी राष्ट्रपति, द्वारा दिए गए भाषण का पहला सीधा प्रसारण

22 दिसंबर की दोपहर में इयॉन इलिएस्कु ने अपना पहला वक्तव्य दिया. इस भाषण के दौरान, उसने रोमानियावासियों को आश्वस्त किया कि उसके पास सेना का समर्थन है. इलियेस्कु ने कहा कि "अभी परिस्थिति कुछ हद तक नियंत्रण में है. मैंने 20 मिनट पहले जनरल विक्टर स्टैंक्युलेस्कु से फ़ोन पर बात की है. वह राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय में हैं, उन्होंने शहर में मौजूद सेना की उन टुकड़ियों को वापस बुलाने का आदेश जारी किया है जिन्हें गोली चलाने का आदेश दिया गया था और उन्होंने उस सैन्य रक्षादल वापस बुला लिया है जिन्हें पिटेस्टी से बुचारेस्ट आने का आदेश दिया गया था".

उन्होंने यह भी कहा कि उसी शाम, नेशनल सैल्वेशन फ़्रंट नाम का एक अस्थायी प्राधिकरण जनता के सामने प्रस्तुत होगा.

उन्होंने शांति और व्यवस्था बनाने की अपील भी की: "हमें ऐसे समय में अपनी परिपक्वता साबित करनी होगी, जिससे कि हम स्वयं को लोकतांत्रिक धरातल पर पुनर्व्यवस्थित कर सकें" इलिएस्कु ने आगे कहा.

नए-नए बने नेशनल सैल्वेशन फ़्रंट ने सभी से युद्ध-विराम की अपील की

नए-नए बने नेशनल सैल्वेशन फ़्रंट परिषद के एक सदस्य ने एक आधिकारिक घोषणा पढ़ा, जिसमें देश में "तुरंत" युद्ध-विराम की अपील की गई थी. उसने कहा कि "इस आदेश का उल्लंघन करने वाला कोई भी व्यक्ति रोमानिया की जनता के प्रति अपराध का दोषी पाया जाएगा (...) हम अब और खून बहने से रोकना है". इसके बाद, नेशनल सैल्वेशन फ़्रंट परिषद के प्रतिनिधियों ने जनता को पिछले कुछ दिनों के दौरान प्राप्त किए गए हथियार वापस करने के लिए कहा और इलिएस्कु ने रोमानियावासियों से अराजकता और सामाजिक अव्यवस्था समाप्त करने के लिए स्थानीय प्राधिकरणों का सहयोग करने के लिए कहा.

राष्ट्रीय टेलीविज़न प्रसारक के आंगन में प्रदर्शनकारी

"नेशनल सैल्वेशन फ़्रंट का उद्देश्य लोकतंत्र, स्वतंत्रता और लोगों की गरिमा को पुनर्स्थापित करना है. इस पल से, चाउसेस्कु समूह की सभी सत्ता संरचनाएं समाप्त की जाती हैं." (इयॉन इलिएस्कु से पहली सीधी वार्ता)

इयॉन इलिएस्कु ने नेशनल सैल्वेशन फ़्रंट परिषद, साम्यवादी से लोकतांत्रिक शासन में परिवर्तन के बाद प्रभार में आए नए निकाय, की पहली आधिकारिक घोषणा पढ़ी. शुरुआत में नेशनल सैल्वेशन फ़्रंट परिषद में 40 सदस्य होंगे; जिसमें रोमानिया के विद्रोही, सेना अधिकारी, लेखक आदि शामिल होंगे. बाद में, परिषद का एक राजनीतिक दल बनना तय हो जाने पर इनमें से कुछ नेशनल सैल्वेशन फ़्रंट परिषद छोड़ देंगे.

इलिएस्कु ने नेशनल सैल्वेशन फ़्रंट परिषद के एजेंडा सूची से पहले एजेंडा की घोषणा की. देश का नाम रोमानिया रखा जाएगा (साम्यवादी शासन के दौरान इसका आधिकारिक नाम रोमानिया समाजवादी गणराज्य था); अब कोई एकल राज्य पार्टी नहीं बनेगी, बल्कि "बहुलवादी लोकतांत्रिक शासन पद्धति होगी". नेशनल सैल्वेशन फ़्रंट परिषद ने अप्रैल 1990 में पहला स्वतंत्र चुनाव कराया.

राष्ट्रीय टेलीविज़न मुख्यालय के पास स्थित प्राइमावेरी बुलेवार्ड में सैन्य संघर्ष का दृश्य

चाउसेस्कु के भाग जाने के बाद, देश में आतंकवादी जवाबी हमलों की अफ़वाह और अपुष्ट जानकारी देशभर में फैल गई.

इन "अज्ञात ताकतों" से संघर्ष का आरंभ 22 दिसंबर की शाम से शुरु हो गया. रक्षा मंत्रालय ने टेलीविज़न मुख्यालय सहित राजधानी के प्रमुख बिल्डिंग की सुरक्षा के लिए सैन्य टुकड़ियां भेजीं.

23 दिसंबर को, टेलीविज़न मुख्यालयों पर हमला हुआ और कुछ समय के लिए प्रसारण बंद हो गया.

अराजकता और उस समय की संस्थाओं के बीच सामंजस्यपूर्ण संचार के अभाव के बीच क्या हुआ, इसे दिखाने के लिए हम कला संग्रहालय और बुचारेस्ट विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय की घटना का विस्तृत वर्णन कर सकते हैं. सेना ने इन बिल्डिंग पर यह सोचकर धावा बोल दिया कि इसके भीतर आतंकवादी छिपे हुए हैं.

परिणाम: असंख्य कलाकृतियां और लगभग 500,000 पुस्तकें नष्ट हो गईं, जिनमें से कई, रोमानिया की राष्ट्रीय विरासत का अंग मानी जाती थीं.

पीड़ित:

22 दिसंबर से पहले, पीड़ितों की संख्या 129 थी और इसके बाद और 747 लोग भी मारे गए. यह जानकारी दिसंबर 1989 में रोमानियन रिवॉल्यूशन इंस्टीट्यूट से मिली.

"मानवता रोमानिया के लोगों की महानता का नमन करती है"

दी इंडिपेंडेंट, एजेरप्रेस समाचार एजेंसी का उद्धरण

आभार: कहानी

Editor contributor — George Gurescu
Editor contributor — Monica Paula Coman
Editor contributor — Alina Conţeanu
Editor contributor — Lina Vdovîi
Editor arhive — Mihai Ciobanu
Operator film 16 mm — Carmen
Drăghici

Documentare foto — Irina Bartolomeu
Editor foto/video — Silviu Panaite
Coordonator proiect — Dorian Stoica

क्रेडिट: सभी मीडिया
कुछ मामलों में ऐसा हो सकता है कि पेश की गई कहानी किसी स्वतंत्र तीसरे पक्ष ने बनाई हो और वह नीचे दिए गए उन संस्थानों की सोच से मेल न खाती हो, जिन्होंने यह सामग्री आप तक पहुंचाई है.
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