#FaunaOfMirrors: I Love Cinema

सिनेफ़िलिया के बारे में सबकुछ

Balaji Maheshwar की First day first show (Installation View) (2018)मूल स्रोत: Artist Website

जगह: आर्ट हाउज़, चेन्नई

आर्ट हाउज़, दक्षिण भारत की सबसे बड़ी और आधुनिक आर्ट गैलरी में से एक है। साल 2012 में, विंसेंट आदिकलराज ने इस गैलरी की शुरुआत की। इस गैलरी ने भारतीय कला जगत के कुछ सबसे अहम कामों को प्रदर्शित करके, कला जगत में अहमियत हासिल की। यह गैलरी एक बेहतरीन पृष्ठभूमि है, जो न सिर्फ़ समय के साथ सम्मानित होने वाली अबाधित पारंपरिक कला को दिखाती है, बल्कि कला जगत में नए प्रयोग करने वाली आधुनिक कलाओं को भी सामने लाती है।

Cop Shiva की I Love MGR (Installation View) (2010-2015)मूल स्रोत: Artist Website

प्रदर्शनी में शामिल कलाकार

अमशू चुक्की | भारत 
बालाजी महेश्वर उर्फ़ रस्कोलनिकोव | भारत
कॉप सिवा | भारत 
डी॰ रविंदर रेड्डी | भारत 
दयानिता सिंह | भारत डिज़ायर मशीन कलेक्टिव | भारत
जेएच ठक्कर | भारत
जेसन शुलमेन | यूनाइटेड किंगडम
कार्तिक सुब्रह्मण्यम | भारत

Amshu Chukki की The Tour (2017)मूल स्रोत: Artist Website

द टूर

अमशू चुक्की (भारत) की पेशकश

हैदराबाद की रामोजी फ़िल्म सिटी के सुनसान सेट पर शूट किया गया यह वीडियो, हमें एक ऐसे सफ़र पर ले जाता है जिसमें शहर का प्राचीन और आधुनिक, दोनों रूप दिखते हैं। ऐसा लगता है कि मानो यहां पर समय थम गया हो। चारों तरफ़ उपेक्षा और अनिश्चितता की स्थिति है। साथ ही, वीडियो में दिख रही जगहें, हमारे पूर्वजों के भविष्य की किसी कहानी की तरह लगती हैं।

वीरान पड़े अस्पतालों, होटल, और आस-पास के निर्माणाधीन इलाकों की वजह से, फ़िल्म सिटी आपदा के बाद के किसी सुनसान शहर जैसी लगती है, जहां के निवासी गायब हो गए हों। फ़िल्म सिटी का टूर कराने वाली पर्यटकों से भरी बस, शहर के अकेलेपन के बीच से होकर गुज़रती है। बस में मौजूद गाइड, पर्यटकों को फ़िल्म सिटी के उजड़ने के बारे में एक काल्पनिक कहानी सुनाता है, जिसकी शुरुआत इसी जगह से हुई थी। इस बारे में यहां और पढ़ें

Balaji Maheshwar की First day first show (Installation View) (2018)मूल स्रोत: Artist Website

फ़र्स्ट डे फ़र्स्ट शो

बालाजी महेश्वर (भारत) की पेशकश 

कार्ल मार्क्स ने कहा था, "धर्म आम लोगों के लिए अफ़ीम की तरह है, तो वहीं पीड़ितों के लिए सिसकियों की तरह है"। 

तमिलनाडु में, सिनेमा एक धर्म की तरह है।तमिलनाडु में, सिनेमा और राजनीति के बीच गहरा रिश्ता है। यहां हमेशा से ही, सिनेमा को प्रचार के एक ज़रिए की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।

'फ़र्स्ट डे फ़र्स्ट शो' प्रोजेक्ट में, बालाजी यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि किस तरह सिनेमा में हीरो के ज़रिए पुरुष प्रधान मानसिकता को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही, प्रशंसक बड़े पर्दे पर दिखने वाले अपने पसंदीदा हीरो को किस तरह सम्मान देते हैं। उन्होंने एक फ़ोटोग्राफ़र के तौर पर नहीं, बल्कि एक कट्टर सिनेमा प्रेमी के तौर पर, 'फ़र्स्ट डे फ़र्स्ट शो' को देखा। यहां दिए गए लिंक पर, इस बारे में और पढ़ें। 

Cop Shiva की I Love MGR (Installation View) (2010-2015)मूल स्रोत: Artist Website

आई लव एमजीआर

कॉप शिवा (भारत) की पेशकश 

यह सीरीज़ विद्यासागर नाम के शख्स से फ़ोटोग्राफ़र की बातचीत पर आधारित है - विद्यासागर बेंगलुरु के निवासी हैं, जो हर दिन एम॰ जी॰ रामाचंद्रन की तरह तैयार होते हैं। रामाचंद्रन, एक राजनेता और तमिल फ़िल्मों के आइकॉन थे। उन्होंने राजनीति में अपनी गहरी छाप छोड़ी थी।

रूप बदलकर अपनी पहचान के साथ खिलवाड़ करना और एक नई शख्सियत को अपनाने का विचार, कई मायनों में यह दिखाता है कि दक्षिण भारत के सामाजिक और सांस्कृतिक परिवेश पर सिनेमा का कितना गहरा असर है। कलाकार ऐसे शख्स की तस्वीरों को सामने लाता है जिसने अपने व्यक्तित्व की सच्चाई को दबाकर, किसी दूसरे व्यक्ति का रूप धारण कर पूरा जीवन बिता दिया। तस्वीरों में उस व्यक्ति का दोहरा व्यक्तित्व और दो अलग-अलग रूप दिखते हैं, जो एक-दूसरे से बिलकुल अलग हैं। यह सीरीज़ सच्चाई और कल्पना, इन दो विपरीत विचारों के बीच बंटी हुई है। यहां दिए गए लिंक पर, इस बारे में और पढ़ें।

Chennai Photo Biennale 2019 की Daud (Installation View) (1997)मूल स्रोत: Artist Website

दौड़

रविंदर रेड्डी दुग्गेमपुड़ी (भारत) की पेशकश

भारतीय फ़िल्म 'दौड़' के लिए खींची गई तस्वीरें. रविंदर रेड्डी की उम्र 55 साल है और वे किसी भी फ़ोटो को खींचने से पहले, उसमें मानवीय पहलू ढूंढते हैं। इससे ऐसा लगता है कि मानो तस्वीरों में जान आ गई हो. यहां दिए गए लिंक पर, इस बारे में और पढ़ें।

Dayanita Singh की Masterjee (Installation View) (2016)मूल स्रोत: Artist Website

मास्टर जी

दयानिता सिंह (भारत) की पेशकश

‘मास्टर जी’ को कोरियोग्राफ़र मार्क मॉरिस के सहयोग से बनाया गया था। बॉलीवुड की मशहूर डांस कोरियोग्राफ़र सरोज खान की ये तस्वीरें, 90 के दशक की शुरुआत की हैं। वे तस्वीरें इतनी शानदार और बेशकीमती थीं कि दयानिता को समझ नहीं आ रहा था कि उन्हें किस तरह पेश किया जाए।

साल 2016 में जब मार्क मॉरिस व्हाइट लाइट फ़ेस्टिवल को क्यूरेट कर रहे थे, तब उन्होंने प्रदर्शनी में पेश करने के लिए, एक आर्टवर्क मांगा। ऐसे में दयानिता ने उन्हें सरोज खान की सभी तस्वीरें भेजीं और उन्हें कहा कि वे अपनी पसंद के संगीत पर इन तस्वीरों को सजाएं। यहां दिए गए लिंक पर, इस बारे में और पढ़ें।

J.H. Thakker का J H Thakker, Showcaseमूल स्रोत: Artist Website

बॉलीवुड अभिनेताओं/अभिनेत्रियों की तस्वीरें

स्वर्गीय जेठालाल एच. ठक्कर की पेशकश 

भारत-पाकिस्तान बंटवारे के दौरान, ठक्कर एक शरणार्थी के तौर पर भारत आए थे। वे बॉम्बे चले गए और वहां उन्होंने दादर इलाके में, चित्रा सिनेमा के बगल में इंडिया फ़ोटो स्टूडियो की शुरुआत की। वे जल्द ही अपने अलग अंदाज़ में बनाई गई तस्वीरों के लिए मशहूर हो गए। साथ ही, उन्होंने स्पॉटलाइट, छाया के टेक्स्चर वाले बैकग्राउंड, और स्टूडियो में इस्तेमाल होने वाले सामान और कपड़ों की मदद से, नाटकीय लाइटिंग की एक ऐसी कला विकसित कर ली थी जो उनकी पहचान बन गई।

ठक्कर की कई फ़ोटोग्राफ़ आइकॉनिक इमेज बन गईं, जिन्होंने राज कपूर, देव आनंद, दिलीप कुमार, नरगिस, मीना कुमारी, नूतन, अशोक कुमार, और प्राण जैसे बॉलीवुड अभिनेताओं और अभिनेत्रियों की छवि को तस्वीर में बखूबी उतारा। यहां दिए गए लिंक पर, इस बारे में और पढ़ें।

Karthik Subramanian की I Swear on my Mother (Installation View) (2017)मूल स्रोत: Artist Website

मैं अपनी मां की कसम खाता हूं

कार्तिक सुब्रह्मण्यम (भारत) की पेशकश

यह आर्टवर्क तमिल राजनेता, जयललिता के राजनैतिक जीवन का अध्ययन करता है। जयललिता, 'अम्मा' (मां) के नाम से मशहूर थीं। राजनीति में उनका उदय, सिनेमा के इतिहास और राज्य की प्रसिद्ध मीडिया से गहराई से जुड़ा था। कार्तिक, जयललिता के अलावा, उनके गुरु और मार्गदर्शक एम.जी. रामाचंद्रन के राजनैतिक इतिहास को लोगों के सामने लाना चाहते हैं। इन दोनों ने ही फ़िल्म और मीडिया का इस्तेमाल, अपनी सार्वजनिक पहचान बनाने के लिए किया था।

उनकी फ़ोटोग्राफ़ी और विज़ुअल अनुभव हैरत में डाल देता है. साथ ही, देखने वाला यह सोचने पर मजबूर हो जाता है कि उसे जो दिख रहा है वह सच है या कल्पना। कार्तिक, फोटोग्राफ़ी की अपनी कला का इस्तेमाल सच्चाई और कल्पना, इन दो अनुभवों के बीच तालमेल बनाने के लिए करते हैं. इस लिंक पर, इस बारे में और पढ़ें।

Jason Shulman की Photographs of Films (Installation View) (2017)मूल स्रोत: Artist Website

फ़िल्मों के फ़ोटोग्राफ़, जेसन शुलमेन की पेशकश

जेसन शुलमेन (यूनाइटेड किंगडम) 

यह फ़ोटोग्राफ़ की ऐसी सीरीज़ है जो किसी फ़िल्म की पूरी कहानी सिर्फ़ एक एक्सपोज़र में कैप्चर कर लेती है। कलाकार एक मूर्तिकार है, जो फ़ोटोग्राफ़ी, फ़िल्म, और चित्रकला से जुड़े काम भी करता है। किसी तरह का दर्द महसूस न करना, हानि, और सोच पर हावी भ्रम, ये कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जिनके बारे में वे समझना चाहते हैं।

किसी तरह का दर्द महसूस न करना, हानि, और सोच पर हावी भ्रम, ये कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जिनके बारे में वे समझना चाहते हैं। वे अक्सर वैज्ञानिक प्रयोगों को औपचारिक कलात्मक विशेषता के साथ जोड़ते हैं। इसके लिए, वे ऑप्टिक यानी प्रकाश विज्ञान और विज्ञान के अन्य मूलभूत सिद्धांतों का इस्तेमाल करते हैं, ताकि उस झूठ को सबके सामने लाया जा सके जो हमारे असलियत के अनुभव पर असर डालता है। इस लिंक पर, इस बारे में और पढ़ें।

आभार: कहानी

कलाकारों और उनकी रचनाओं के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए, चेन्नई फ़ोटो बिनाले की वेबसाइट  पर जाएं। 


इस लिंक पर क्लिक करें और 'सीपीबी 2019 आर्टिस्ट टॉक' सुनें।
CPB2019 प्रोग्राम 
सीपीबी फ़ाउंडेशन की तरफ़ से आयोजित क्यूरेटेड वॉक के अलावा, निर्देशों के साथ सैर वाले टूर और कई अलग-अलग वर्कशॉप , फ़ोटो वॉक और कलाकारों के साथ बातचीत का आयोजन किया गया. इसके अलावा,  2019 Biennale के दौरान, फ़ोटोग्राफ़ी पर आधारित फ़िल्में और समुद्र तट पर क्यूरेट किए गए प्रोजेक्ट दिखाए गए।

क्रेडिट: सभी मीडिया
कुछ मामलों में ऐसा हो सकता है कि पेश की गई कहानी किसी स्वतंत्र तीसरे पक्ष ने बनाई हो और वह नीचे दिए गए उन संस्थानों की सोच से मेल न खाती हो, जिन्होंने यह सामग्री आप तक पहुंचाई है.
ज़्यादा जानें
मिलती-जुलती थीम
हिंदी सिनेमा
Your ticket into the magical world of Indian cinema
थीम देखें

क्या परफ़ॉर्मिंग आर्ट में दिलचस्पी है?

अपनी दिलचस्पी के हिसाब से बनाए गए Culture Weekly के अपडेट पाएं

अब आप बिलकुल तैयार हैं!

आपका पहला Culture Weekly इस हफ़्ते आएगा.

Google ऐप