Editorial Feature

जादू के इतिहास की ये 10 अजीबोगरीब चीज़ें नहीं जानते होंगे आप

ब्रिटिश लाइब्रेरी का रखवाला जूलियन हैरिसन अजीब और अद्भुत चीज़ों का पता लगाता है.

हैरी पोर्टर: अ हिस्ट्री ऑफ मैजिक´ की कहानी लिखने के दौरान हमने कहानी का वर्णन करने के लिए जब चीज़ें चुननी शुरू की तो, हर कोने में जादू का असर होते देखा.

यहां हम 10 अजीबोगरीब जादुई चीज़ों का पता लगाएंगे, जिनके बारे में आपको शायद पता न हो. इसमें हम अजीबोगरीब मिथकों और परंपराओं की हकीकत से पर्दा उठाने के साथ, जादू टोना और जादूगर की रहस्यमयी दुनिया के ज़रिए लोगों की भलाई के लिए किए गए कामों के बारे में आपको बताएंगे.

1. अगर आप सही मंत्र जानते हैं तो, अपने आपको गायब करना बहुत आसान है

अब आपको गायब होने के लिए जादुई चोगे की ज़रूरत नहीं पड़ेगी बल्कि 17वीं शताब्दी की एक हस्तलिपि जिसका नाम ´किंग सोलोमन की किताब´ (द बुक ऑफ किंग सोलोमन) है उसमें गायब होने के बारे में कई महत्वपूर्ण बातें बताई गई हैं, किताब में दिए इन शब्दों को पढ़कर आप गायब हो सकते हैं:

स्टबॉन, एसेन, गेबेलम, सनेनी, नोटी, एंबोला, लैबोनेम, बालमेटेम, बलोनोन, टायगुमैल, मिलीगैलि, जुनेनीस, सुर्मा, हैमोरे, एस, सीया, सेनॉय, हेनेंन, बरुकाथा, अकरारस, तारकूब, बुकरत, कारारस, तारकूब, बुकेरात, कारैमी, विच यू बियर टूवार्ड्स मैन काइंड, मेक मी टू इनविज़िबल (जो भी दया भाव आपका मानव जाति के लिए है उसे देखते हुए मुझे गायब कर दें).

ये निर्देश ‘गायब होने के लिए प्रयोगों की कैसे तैयारी की जाए‘ (हाऊ एक्सपेरीमेंट्स टू बी इनविज़िबल मस्ट बी प्रिपेयर्ड) नाम के चैप्टर में हैं. इस हस्तलिपि पर मालिकाना हक लेखक और विद्वान गैब्रियाल हार्वे का है. उनको लेकर ये बातें हैं कि वह अपनी जिंदगी के आखिरी 10 सालों में ज़्यादातर गायब ही रहे: हो सकता है कि गायब होने वाले मंत्र काम कर गए हों!

किंग सोलोमेन की किताब को ज्ञान की कुंजी कहते हैं, 17वीं शताब्दी (ब्रिटिश लाइब्रेरी के संग्रह से)

2. फ़ीनिक्स को अपनी शरीर की राख से फिर से जिंदा होने में 9 दिन लगते हैं

फ़ीनिक्स सबसे लोकप्रिय पौराणिक पक्षियों में से एक है. डंबलडोर की पंखों वाली फ़ीनिक्स दोस्त जिसका नाम फ़ॉक्स है उसे हैरी पोर्टर की किताबों में सबसे प्यारा किरदार बताया गया है. उनके व्यवहार और जीवन चक्र के बारे में मध्यकालीन बेस्टियरीज़ में चर्चा की गई है. मध्यकालीन बेस्टियरीज़, वास्तविक और कल्पित जानवरों का इनसाइक्लोपीडिया है. एक परंपरा में ये बताया गया है कि फ़ीनिक्स मूलरूप से अरब से है और 500 साल तक जी सकता है. यह बूढ़ा होने पर अपना अंतिम संस्कार खुद टहनियों और पौधों का इस्तेमाल करके किया करते थे. इसके बाद वे चिता की आग को भड़काने के लिए खुद के पंखों से हवा देते थे, ताकि आग उन्हें अपने आपमें समा ले और इसके 9 दिनों बाद वह फिर से अपनी राख से जिंदा हो जाते थे। उनकी इस काबिलियत की तुलना अक्सर ईशा-मसीह के फिर से जी उठने से की जाती है.

एक बेस्टियरी में फ़ीनिक्स अपने शरीर की राख से ज़िदा होती हुई (ब्रिटिश लाइब्रेरी के संग्रह से)

3. नितंबों में मस्से होना विशेष रूप से शुभ होता है.

‘मिस्र के एक बूढ़े भाग्य बताने वाले व्यक्ति की आखिरी विरासत’, यह किताब लंदन में साल 1775 में प्रकाशित हुई, इसमें अपने भविष्य को कैसे जानें, इसको लेकर कई ऐसे सुझाव दिए गए हैं जिन पर आपको खुली आंखों से विश्वास नहीं होगा. हम भविष्य बताने के लिए कप में चाय की पत्तियों का इस्तेमाल करने के आदी हैं लेकिन भविष्य बताने का एक दूसरा तरीका भी है और वह है शरीर और चेहरे में मौजूद मस्से को देखकर भविष्य बताना. उदाहरण के तौर पर क्या आप जानते हैं ”नितंब में मस्सा, सम्मानीय पुरुष और अमीर महिला होने की निशानी है”? एक दूसरे पेज पर जिसे नाम दिया गया है "रेखाओं का महत्व और हाथों पर अन्य निशान". हमें खबर मिली है कि कुछ रेखाएं बताती हैं कि “व्यक्ति भरोसे के लायक है कि नहीं“, जबकि दूसरी रेखाएं बताती हैं कि “व्यक्ति कितना खुदगर्ज है“.

‘मिस्र के एक बूढ़े भाग्य बताने वाले व्यक्ति की आखिरी विरासत’ किताब में ‘रेखाओं का महत्व और हाथों पर अन्य निशान‘ का उल्लेख (ब्रिटिश लाइब्रेरी के संग्रह से)

4. निकोलस कुल्पीपर एक रक्षक जादूगर थे

निकोलस कुल्पीपर की हर्बल, सबसे पहले साल 1652 में प्रकाशित हुई. यह एक सबसे प्रभावशाली किताब है जिसमें दवाइयां बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पौधों के बारे में बताया गया है. लेकिन कुल्पीपर के काम को पेशेवर चिकित्सा करने वाले जादूगर पसंद नहीं करते थे. कुल्पीपर बिना लाइसेंस के दवा बेचते थे, इसीलिए उनका अक्सर पेशेवर चिकित्सा करने वाले जादूगरों से झगड़ा होता था. झगड़े का एक कारण ये भी था कि वह परंपरागत भाषा लैटिन में लिखने की बजाय लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए अंग्रेजी में लिखते थे. साल 1642 में कुल्पीपर को जादू टोना करने के आरोप में फंसाने की कोशिश की गई, जिसकी सज़ा मौत थी। हालांकि, उन्हें इस मामले से बाइज्ज़त बरी कर दिया गया. आज हम उन्हें एक हेज़ जादूगर कहेंगे. हेज़ जादूगर एक बुद्धिमान पुरुष या स्त्री होता है जो बीमारी के दौरान उपचार बताने में माहिर हो.

कुल्पीपर की अंग्रेजी फिज़ीशियन और संपूर्ण हर्बल किताब, 1789 (ब्रिटिश लाइब्रेरी के संग्रह से)

5. एक विषैले पौधे (मैनड्रेक) की फ़सल लगाने की ज़रूरत है? फिर अपने लिए कुत्ता खोजें

मध्य युग के वनस्पति शास्त्र के एक चैप्टर के मुताबिक, ये माना जाता था कि मैनड्रेक (एक विषैला पौधा) सिरदर्द, कान का दर्द और गठिया जैसी बीमारियां ठीक कर सकता है. उसी समय यह माना गया कि यह पौधा फ़सल के लिए खराब है क्योंकि इसकी जड़ें मनुष्य की तरह दिखाई देती हैं; जमीन से निकालने के दौरान इससे जो भयंकर आवाज़ निकलती है, वह आदमी को पागल बना सकती है. इसीलिए मध्यकालीन पौधे संग्राहकों ने मैनड्रेक की फ़सल के लिए एक विस्तृत विधि तैयार की. इसे सुरक्षित रूप से उखाड़ने का सबसे बेहतरीन तरीका था हाथी के दांतों का इस्तेमाल करते हुए उसकी जड़ों को खोदा जाए और रस्सी की मदद से कुत्ते को पौधे से बांध दिया जाए. हाथी के दांत का इस्तेमाल करने से पौधे की आवाज दब जाएगी और तुरही की आवाज़ सुनाई देगी. यह आवाज़ कुत्ते को चौंकाएगी जिससे वह उस रस्सी को खींचते हुए भागेगा और साथ में मैनड्रेक उखड़ जाएगा. दूसरा सुझाव है कि मैनड्रेक को ज़मीन से निकालने से पहले अपने कानों को मिट्टी के ढेले से बंद कर लें!

Kitāb mawādd al-‘ilāj (Arabic version of Dioscorides, Materia medica का अरबी संस्करण),14वीं शताब्दी (ब्रिटिश संग्रहालय के संग्रह से)

6. कुछ सबसे अच्छे बेज़ार पत्थर बकरियों के पेट में मिलते हैं

हम सभी को वह बेज़ार याद है जिसे हैरी ने रॉन की ज़िंदगी बचाने के लिए उपयोग किया था जब उसने प्रोफ़ेसर स्लगहॉर्न के ऑफ़िस में ज़हरीली शराब पी ली थी, लेकिन असल में वे हैं क्या? बेज़ार कुछ बकरियों के पेट में काफ़ी मात्रा में मिलने वाला हजम नहीं हुआ फ़ाइबर होता है, और इसे ज़हर को खत्म करने वाला माना जाता है. उनकी शुरुआत पहली बार मध्यकालीन यूरोप में अरबी चिकित्सकों द्वारा की गई थी. धनवान संग्रहकर्ता (जिनमें राजा और पोप शामिल हैं) सबसे अच्छे ‘पत्थर’ हासिल करने के लिए काफ़ी रकम खर्च कर सकते थे. A Compleat History of Druggs (जो पहली बार 1694 में फ़्रेंच भाषा में प्रकाशित हुई थी), ऐसा बताया गया था कि बेज़ार की औषधीय ताकत उस जानवर पर निर्भर करती है जिससे वह मिलता है. उदाहरण के लिए, गायों के पेट में मिलने वाला बेज़ार तथाकथित 'बेज़ार बकरी' से मिलने वाले बेज़ार जितना अच्छा नहीं था. हाल ही में चार सहकर्मियों को बोलिविया के स्रोत से आया हुआ, बेज़ार इलामा से मिला था. हम उम्मीद करते हैं हमें उसे कभी आज़माने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी.

Pierre Pomet, A Compleat History of Druggs, 1748 (ब्रिटिश लाइब्रेरी के संग्रह से)

7. यह शुरुआती कीमियाई चित्र वास्तव में… मिस्र के किसी प्राचीन स्मारक का दस्तावेज़ है

13वीं शताब्दी में अबु अल क़ासिम मुहम्मद इब्न अहमद अल इराक़ी की लिखी किताब The Book of the Seven Climes, कीमियाई चित्रणों पर ध्यान केंद्रित करती है. ऐसा अनुमान है कि यह चित्र किसी ‘Hidden Book’ से लिया गया था जो हर्मिस ट्रिस्मेगिस्टस को समर्पित थी, जो प्राचीन मिस्र का एक महान बुद्धिमान राजा था. ऐसा माना जाता था कि उसने रसायन-शास्त्र के रहस्यों में महारत हासिल कर ली थी और उन्हें क़ब्रों की दीवारों पर चित्रलिपियों में दर्ज कर लिया था. अल इराक़ी का नामालूम, यह चित्र वास्तव में राजा एम्नेम्हत द्वितीय की याद में बने एक प्राचीन स्मारक में फिर से बनाया गया था, जिसने ईसा पूर्व 1922 से 1878 तक मिस्र में शासन किया था.

अबु अल क़ासमी अल इराक़ी, क़िताबी अल अक़लीम अल अब अह (बुक ऑफ़ सेवेन क्लाइम्ब्स), 18 वीं शताब्दी (ब्रिटिश लाइब्रेरी के संग्रह से)

8. किसी गैंडे के दो सिंग भी हो सकते हैं

हाल के वर्षों मे गैंडे हमारे बालों में, हमारे टोस्ट पर और हमारे कपड़ों पर भी दिखाई देने लगे हैं, लेकिन सिंग वाले घोड़ों को लेकर हमारा आकर्षक सदियों पुराना है. 1694 में, फ़्रांसीसी फ़ार्मासिस्ट, पियरे पोमेट ने अपनी किताब Histoire générale des Drogues प्रकाशित की थी.इसके चित्रों में से एक में गैंडे की पांच अलग-अलग प्रजातियां दिखाई गई हैं, जिनमें कैंफर (अरब का सिंग वाला गधा) और पिरासोपी भी हैं. पिरासोपी की सबसे खास विशेषता उसके दो सिंग हैं (बेशक यह धोखा ही है), जैसा कि इस चित्र के निचले बाएं कोने में देखा जा सकता है. पोमेट ने लिखा है कि दो सिंगों वाला यह गैंडा किसी खच्चर जितना बड़ा था और उसके बाल भालू जैसे थे. उन्होंने यह भी बताया कि गैंडे के सिंगों का “उनकी विशेषताओं को देखते हुए, बेहतरीन इस्तेमाल किया गया था, जो बुनियादी तौर पर ज़हर के खिलाफ़ था”.

गैंडे, पियरे पोमेट में, Histoire générale des Drogues, traitant des plantes, des animaux et des mineraux, 1694 (ब्रिटिश लाइब्रेरी के संग्रह से)

9. ब्रिटिश लाइब्रेरी में सबसे पुरानी ज्ञात दिनांक वाली वस्तु का पता नासा के सहयोग से चला था

ब्रिटिश लाइब्रेरी के संग्रह में 20 करोड़ किताबें, पांडुलिपियां, अखबार आदि शामिल हैं. सबसे पुराने ज्ञात दिनांक वाली वस्तु एक चीनी ओरॅकल बोन है (जिसे ‘ड्रैगन बोन भी कहा जाता है’). एक ओर यहां किसी शासक के शासन में किया गया पूर्वानुमान दर्ज है, वहीं दूसरी ओर किसी चंद्रग्रहण की तारीख लिखी है. नासा के सहयोग से, ग्रहण के बारे में इतने विस्तार से जानकारी दी गई है, कि हम यह पता लगा सकते हैं कि उसे ईसा पूर्व 27 दिसंबर को चीन के एनीयांग में रात 21:48 और 23:30 के बीच (17 मिनट कम-ज़्यादा) देखा गया था.

चीनी ओरेकल बोन, c.1600–1050 ईसा पूर्व (ब्रिटिश लाइब्रेरी के संग्रह से)

10. अपने साथ एक नेवला हमेशा लेकर चलें

पता नहीं कब आपका सामना बेसिलिस्क से हो जाए, जो आपको जानलेवा नज़र से भी मार सकता है, और इसलिए अगर आपके पास गॉडरिक ग्रिफिन्डर की तलवार नहीं है जैसी हैरी के पास थी, तो हमेशा नेवले को सामने रखना सबसे अच्छा होगा.कम से कम, रोम के प्राकृतिक इतिहासकार, प्लिनी द एल्डर (d. AD 79 की तो यही सलाह थी. प्लिनी के अनुसार, अगर बेसिलिस्क की मांद पर नेवले को गिरा दिया जाए, तो वह प्राणी इसकी गंध से घुटकर ही मर जाएगा. हालांकि यह नेवले के लिए भी बुरा होगा, क्योंकि वह भी लड़ते-लड़ते मारा जाएगा.

अ बेसिलिस्क, इन हिस्टोरिया एनिमैलियम, 1595 (ब्रिटिश लाइब्रेरी के संग्रह से)
क्रेडिट: सभी मीडिया
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