खगोलशास्त्र

The British Library

रात में आसमान का अध्ययन करना पुराने समय से जारी है. ग्रीक और चीनी खगोलशास्त्रियों ने सैकड़ों तारे ढूंढे, उन्हें तारामंडलों में बांटा, जिनमें से कुछ आज भी पहचाने जाते हैं. मध्य युग के और शुरुआती आधुनिक यूरोप में, खगोलशास्त्र और ज्योतिषशास्त्र में ज़्यादा अंतर नहीं था. लंबे समय तक यह माना जाता था कि तारों और ग्रहों की गति देशों और इंसानों की किस्मत पर असर डालती है.

‘उन्हें हर बुधवार को आधी रात में टेलीस्कोप के ज़रिए आसमान को ताकना पड़ता और अलग-अलग तारों के नाम और ग्रहों की गतियों के बारे में सीखना पड़ता.’
हैरी पॉटर और पारस पत्थर
उनकी आँखों के तारे

रात के आसमान का सबसे पुराना एटलस
1907 में, खोजी ऑरेल स्टीन को चीन के डुनहुंग की गुफ़ा में 40,000 बौद्ध लेखों और पेंटिंग का ख़ज़ाना मिला. उस ख़ज़ाने में से यह कागज़ का स्क्रॉल मिला, जो किसी भी सभ्यता का सबसे पुराना सितारों का एटलस था.

इसे टेलीस्कोप का आविष्कार होने से सदियों पहले 700 ईस्वी में बनाया गया था. इसमें 1300 से ज़्यादा तारे दिखाए गए हैं, जो बिना किसी दूरबीन के उत्तरी गोलार्ध में दिखाई देते हैं. उस वक्त ये माना जाता था कि तारों में होने वाली हलचल का सीधा असर चीनी राजा और अदालत के कामों पर पड़ता है.

एथोस पर्वत के खगोलशास्त्री
सर जॉन मंडेविले मध्य युग के एक जानेमाने लेकिन काल्पनिक अंग्रेज यात्री थे, जिनकी शानदार रचनाएं पश्चिमी यूरोप में मशहूर हुईं. इस चित्र के साथ में मंडेविले की यात्राएं का चेक भाषा में अनुवाद भी था.

इसमें खगोलशास्त्रियों के एक समूह को ग्रीस के एथोस पर्वत पर खड़े होकर अपने खगोलीय यंत्रों और कोण नापने वाले यंत्रों के साथ तारों का अध्ययन करते हुए दिखाया गया है. एथोस को 'पवित्र पर्वत' के नाम से भी जाना जाता है.

बाकी लोगों को धूल में अपनी छड़ियों से अजीब अक्षर लिखते हुए दिखाया है. शायद ये उन सबसे रहस्यमयी विदेशी अक्षरों में से हैं, जिनके बारे में मंडेविले ने बताया था.

आकाशीय ग्लोब
आकाशीय ग्लोब आसमान में तारों की वैसी स्थिति दिखाते हैं, जैसे वे धरती से दिखते हैं. यह शानदार आकाशीय ग्लोब विनसेंज़ो कॉरोनेली ने बनाया था, जिन्हें दुनिया के सबसे महान ग्लोब बनाने वाले लोगों में से एक माना जाता है. इसे सन् 1693 में पेरिस में बनाया गया था. इसका व्यास 108 सेंटीमीटर है (इसका बड़ा रूप फ़्रांस के राजा लुईस XIV के लिए बनाया गया था). कॉरोनेली ने इस ग्लोब पर जीन-बैप्टिस्ट लोलिन के साथ काम किया था. वे फ़्रांस के शाही परिवार के लिए नक्काशी का काम करते थे.

हैरी पॉटर और मायापंछी का समूह
‘...स्वर्ग को देखो. यहां हमारी जातियों की तकदीर लिखी है, जिसे सिर्फ़ वे लोग देख सकते हैं, जिन्हें इसका ज्ञान है.’

एक एंग्लो-सेक्सन सेंटॉर
11वीं सदी का यह एंग्लों-सेक्सन लेख ब्रिटिश लाइब्रेरी की सबसे सुंदर किताबों में से एक है.

धनु तारामंडल का नाम लैटिन भाषा के शब्द 'आर्चर' से लिया गया है और इस पेज पर इसे दाढ़ी वाले सेंटॉर के रूप में दिखाया गया है, जिसने कंधों पर सफेद चोगा लपेट रखा है और अपने धनुष को पीछे की तरफ़ खींच रहा है.

ये किताब किसी दूसरे युग का एक अनमोल तोहफ़ा है. वह युग जब हमारे पूर्वज आकाशीय पिंडों की गति पर नज़र रखने में माहिर थे.

तुम सिरियस नहीं हो सकते
हैरी पॉटर सीरीज़ में ड्रेको मैल्फ़ॉय, बेलाट्रिक्स लेस्ट्रेंस और सिरियस ब्लैक जैसे कई नाम रात के आसमान से लिए गए हैं. इस हस्तलिपि को करीब 900 साल पहले इंग्लैंड में बनाया था. इस पेज के साथ कैनिस मेजर नाम के तारामंडल को भी दिखाया गया है.

इस तारामंडल का सबसे मशहूर तारा — और रात में चमकने वाला सबसे चमकदार तारा — सिरियस है, जिसे 'कुत्ते जैसा दिखने वाला तारा' भी कहा जाता है. कुत्ते की आकृति लैटिन पैटर्न की कविता से भरी हुई है, जिसमें पौराणिक कथाओं के हिसाब से इस तारे की शुरुआत के बारे में बताया गया है.

अ व्यू ऑफ़ द हैवन्स
ग्रीस की पौराणिक कथाओं के मुताबिक, यूरेनिया खगोलशास्त्र के लिए प्रेरणा थीं. उन्होंने 19वीं सदी में अपने नाम का इस्तेमाल तारों के चार्ट की एक सीरीज़ के लिए करने की इजाज़त दी, जिसका नाम यूरेनिया का आईना; या, स्वर्ग का एक नज़ारा है.

हर कार्ड हाथ से रंगा हुआ है और तारामंडलों को मायावी जानवरों के रूप में दिखाया गया है. ये कार्ड इस तरह बनाए गए हैं कि उन्हें उजाले में रखने पर उनके छेदों में से निकलती हुई रोशनी सबसे चमकदार तारों का आकार दिखाती है. पहले माना जाता रहा कि लेखक 'एक महिला' थीं, लेकिन बाद में पता चला कि वो रिचर्ड ब्लॉक्स्म थे, जो वॉर्विकशायर के रग्बी स्कूल में सहायक शिक्षक थे.

मशहूर खगोलशास्त्री

चांद पर लियोनार्डो
लियोनार्डो दा विंची — अविष्कारक, वैज्ञानिक, कलाकार — अपने वक्त से सदियों आगे थे. ये पेज उनकी किताब से लिए गए हैं, जो इटैलियन में उनकी खास लिखावट में लिखी है. ये लिखावट सिर्फ़ आईने में पढ़ी जा सकती है. इसे दाएं से बाएं पढ़ा जाता है.

मौजूदा वक्त की सोच की तरह ही लियोनार्डो मानते थे कि धरती ब्रह्मांड के ठीक बीच में है, इसीलिए दाईं तरफ़ बीच में दिखाए गए गहरे रंग के डायग्राम में सूरज और चांद को धरती को चारों तरफ़ घूमते हुए दिखाया गया है. लियोनार्डो ये भी मानते थे कि चांद पानी से ढका हुआ है और इसकी सतह से रोशनी किसी बाहर की तरफ़ उभरे हुए (कॉन्वेक्स) शीशे की तरह प्रतिबिंबित होती है.

यू स्पिन मी अराउंड
एक जूते बनाने वाले के बेटे पेट्रस अपियानस एक जानेमाने जर्मन खगोलशास्त्री थे. खूबसूरती से बनाई गई ये किताब उनका सबसे मशहूर काम है. इसमें क़ाग़ज़ की बहुत सारी घूमने वाली डिस्क हैं, जिन्हें वोल्वैल्स कहा जाता है. ये डिस्क ग्रहों के घूमने की नकल करती हैं. यह वौल्वैल यह दिखाती है कि चांद के अक्षांश का कैसे पता लगाया जाए. इसके बीच में एक ड्रैगन बैठा है, जिसे अलग-अलग राशियों की तरफ़ इशारा करने के लिए घुमाया जा सकता है. वोल्वैल्स का इस्तेमाल कुंडली देखने के लिए भी किया जा सकता है.

तारों के बारे में कैपलर
टेलीस्कोप की खोज से पहले, तारों की सबसे सही सूची जॉन कैपलर ने बनाई थी. यह एक हज़ार से ज़्यादा तारों की स्थिति बताती है, जिससे इसके पाठकों को ग्रह ढूंढने में मदद मिलती है. सन् 1617 में, कैपलर की मां को जादूगरनी होने के शक में जेल में डाल दिया गया. उन्होंने एक साल जेल में बिताया, उसके बाद उनके बेटे ने उन्हें रिहा करवा लिया.

इसके कवरपेज पर टॉलेमी, कॉपरनिकस और खुद कैपलर जैसे इतिहास के महान खगोलशास्त्रियों की तस्वीर है.

क्रेडिट: सभी मीडिया
कुछ मामलों में ऐसा हो सकता है कि पेश की गई कहानी किसी स्वतंत्र तीसरे पक्ष ने बनाई हो और वह नीचे दिए गए उन संस्थानों की सोच से मेल न खाती हो, जिन्होंने यह सामग्री आप तक पहुंचाई है.
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